
आईफोन पर व्हाट्सएप में नया एज-वेरिफिकेशन फीचर अब धीरे-धीरे भारत में कुछ यूजर्स के लिए परीक्षण के दौर में है। यह बदलाव सीधे तौर पर भारत में लागू होने वाले डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के बच्चों से जुड़े प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की तैयारी से जुड़ा है। आइए समझते हैं कि यह फीचर क्या है, कैसे काम करता है और आपके लिए क्यों मायने रखता है।
कुछ iPhone यूजर्स को WhatsApp पर एक नोटिफिकेशन दिखाई दे रहा है, जिसमें उनसे उनकी जन्मतिथि (डेट ऑफ बर्थ) दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि यह जानकारी भारत में लागू होने वाले नए कानूनों के तहत मांगी जा रही है। मेटा (व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी) ने पुष्टि की है कि यह फीचर फिलहाल सीमित यूजर्स के साथ परीक्षण में है और यह पूरी तरह वैकल्पिक है अर्थात आप जन्मतिथि दर्ज किए बिना भी ऐप का उपयोग जारी रख सकते हैं।
डीपीडीपी एक्ट के सेक्शन 9 के तहत, 18 वर्ष से कम आयु के यूजर्स को 'बच्चा' माना गया है और उनके डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता या विधिक अभिभावक की सत्यापित सहमति (वेरिफायबल पैरेंटल कंसेंट) आवश्यक है। सरकार ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी ओर से तकनीकी उपाय अपनाएं, ताकि बच्चों की उम्र की पुष्टि हो सके और डेटा सुरक्षा बनी रहे।
व्हाट्सएप ने साफ किया है कि यह फीचर यूजर अनुभव में कोई बदलाव नहीं लाएगा और आपकी उम्र की जानकारी अन्य यूजर्स के साथ साझा नहीं की जाएगी। यह केवल बैकएंड स्तर पर लागू होने वाला वेरिफिकेशन है, जिससे ऐप का उपयोग वैसे ही जारी रहेगा।
आईफोन यूजर्स के लिए यह खास है, क्योंकि एप्पल ने iOS 26.2 और उसके बाद के संस्करणों में एज एश्योरेंस फ्रेमवर्क्स पेश किए हैं, जो डेवलपर्स को आयु संबंधी नियमों के अनुपालन में मदद करते हैं। इसका अर्थ है कि व्हाट्सएप जैसे ऐप्स अब एप्पल के एज एश्योरेंस एपीआई का उपयोग कर सकते हैं, जिससे आयु सत्यापन प्रक्रिया और भी सुरक्षित व गोपनीय हो सकती है।
यह फीचर फिलहाल वैकल्पिक है। आप चाहें तो अपनी जन्मतिथि दर्ज कर सकते हैं या बिना दर्ज किए ऐप का उपयोग जारी रख सकते हैं। यदि आप माता-पिता हैं और आपके बच्चे व्हाट्सएप का उपयोग करते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि भविष्य में आयु सत्यापन और अभिभावकीय सहमति की प्रक्रिया और सख्त हो सकती है। यह बदलाव डेटा सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
डीपीडीपी एक्ट के बच्चों से जुड़े प्रावधान अगले वर्ष मई से लागू होने की संभावना है। जैसे-जैसे नियम साफ होंगे, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स इस प्रकार के आयु सत्यापन फीचर्स को और बड़े रूप में लागू कर सकते हैं। एप्पल के एज एश्योरेंस टूल्स के साथ मिलकर यह प्रक्रिया और भी आसान व सुरक्षित हो सकती है।