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ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए WhatsApp का Two-Step Verification कैसे सेट करें?

WhatsApp Two-Step Verification: क्या आप जानते हैं कि WhatsApp पर सिर्फ OTP ही नहीं, एक अलग PIN भी आपके अकाउंट की सुरक्षा मजबूत कर सकता है? Two-Step Verification ऑन करके आप अकाउंट में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ सकते हैं। जानिए इसे सेट करने का आसान तरीका और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
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Aug 13, 2026
Whats App Account Verification
WhatsApp पर Two-Step Verification ऑन कर अकाउंट को ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षा की अतिरिक्त परत दें। ( फोटो: AI)

ऑनलाइन फ्रॉड और अकाउंट टेकओवर के बढ़ते मामलों के बीच WhatsApp की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। WhatsApp का Two-Step Verification यानी दो-चरणीय सत्यापन ऐसा ही एक फीचर है, जो आपके मोबाइल नंबर से अकाउंट दोबारा रजिस्टर करते समय SMS/कॉल से मिलने वाले कोड के अलावा एक अलग छह अंकों का PIN मांगता है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन कोड हासिल कर अकाउंट पर कब्जा करना मुश्किल हो जाता है।

Two-Step Verification क्या है और क्यों जरूरी है?

WhatsApp पर अकाउंट की पहचान आपके फोन नंबर से जुड़ी होती है। Two-Step Verification सक्रिय करने पर अकाउंट को दोबारा रजिस्टर करते समय छह अंकों का PIN भी जरूरी होता है। यानी सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जुड़ जाती है। हालांकि, इसे पूरी तरह ‘हैक-प्रूफ’ सुरक्षा नहीं माना जाना चाहिए। OTP, PIN, फोन या ईमेल से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

WhatsApp पर Two-Step Verification कैसे सेट करें?

इसे ऑन करने के लिए ये आसान स्टेप्स अपनाएं:

WhatsApp खोलें।
Settings में जाएं।
Account पर टैप करें।
Two-step verification चुनें।
Turn on/Enable पर टैप करें।
अपना छह अंकों का PIN बनाएं और दोबारा दर्ज करके पुष्टि करें।
इसके बाद ईमेल एड्रेस जोड़ना चुन सकते हैं, ताकि PIN भूलने की स्थिति में अकाउंट रिकवरी आसान हो सके।

नोट: WhatsApp के अलग-अलग वर्जन या डिवाइस में विकल्पों के नाम/स्थान थोड़ा अलग दिखाई दे सकते हैं।

Recovery Email जोड़ना क्यों जरूरी है?

Two-Step Verification सेट करते समय रिकवरी ईमेल जोड़ना उपयोगी है। यदि आप अपना छह अंकों का PIN भूल जाते हैं, तो WhatsApp उस ईमेल के जरिए PIN रीसेट करने की प्रक्रिया में मदद कर सकता है।

ध्यान रखें कि WhatsApp इस ईमेल एड्रेस की शुद्धता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। इसलिए ऐसा ईमेल ही दर्ज करें, जिस तक आपका सुरक्षित और नियमित एक्सेस हो।

PIN भूल गए तो क्या होगा?

यहां एक जरूरी सुधार है। छह दिन नहीं, सात दिन वाला नियम ध्यान में रखें।

यदि आपने रिकवरी ईमेल नहीं जोड़ा है और Two-Step Verification का PIN भूल जाते हैं, तो WhatsApp पर दोबारा नंबर सत्यापित करने के लिए सात दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए PIN को सुरक्षित तरीके से याद रखना और रिकवरी ईमेल जोड़ना बेहतर है।

WhatsApp की इन 7 सावधानियों से अकाउंट को ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रखें। ( फोटो: AI)

Two-Step Verification से क्या फायदा होगा ?


अकाउंट की सुरक्षा में एक अतिरिक्त परत जुड़ती है।
केवल SMS/कॉल से मिलने वाले रजिस्ट्रेशन कोड के आधार पर अकाउंट दोबारा सक्रिय करना मुश्किल होता है।
PIN भूलने की स्थिति में रिकवरी ईमेल मददगार साबित हो सकता है।
अकाउंट टेकओवर के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

ध्यान रखें: Two-Step Verification का मतलब यह नहीं है कि अकाउंट हर तरह के फ्रॉड या साइबर हमले से पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।

PIN और OTP में क्या अंतर है?

OTP/Registration Code: WhatsApp अकाउंट को फोन नंबर से रजिस्टर या दोबारा रजिस्टर करने के लिए मिलने वाला कोड है।

Two-Step Verification PIN: यह आपके द्वारा बनाया गया अलग छह अंकों का PIN है।

दोनों को एक ही चीज समझना गलत है। किसी भी स्थिति में WhatsApp का रजिस्ट्रेशन कोड या Two-Step Verification PIN किसी दूसरे व्यक्ति को न बताएं।

WhatsApp का नया Strict Account Settings फीचर भी उपयोगी

2026 में WhatsApp ने Strict Account Settings नाम का एक अतिरिक्त सुरक्षा फीचर पेश किया है। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें ज्यादा गंभीर या लक्षित साइबर हमलों का जोखिम हो सकता है।

इसे Settings > Privacy > Advanced > Strict Account Settings से चालू किया जा सकता है, हालांकि फीचर की उपलब्धता ऐप वर्जन और रोलआउट के अनुसार अलग हो सकती है।

इसे ऑन करने पर अज्ञात लोगों से आने वाले मीडिया और अटैचमेंट को ब्लॉक करने, अनजान कॉल को साइलेंट करने और लिंक प्रीव्यू जैसी कुछ सुविधाओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह सुरक्षा बढ़ाता है, लेकिन WhatsApp इस्तेमाल करने की सुविधा कुछ कम कर सकता है।

Device Verification के लिए आपको कुछ करने की जरूरत नहीं

आपकी कॉपी में Device Verification का जिक्र सही दिशा में है, लेकिन इसे थोड़ा स्पष्ट करना जरूरी है। Device Verification WhatsApp की ओर से बैकग्राउंड में काम करने वाला सुरक्षा तंत्र है। इसके लिए यूज़र को कोई अलग PIN या सेटिंग ऑन करने की जरूरत नहीं होती।

यह खास तौर पर ऐसे अकाउंट टेकओवर को रोकने में मदद करता है, जिसमें डिवाइस मैलवेयर के जरिए WhatsApp की authentication key का दुरुपयोग करने की कोशिश की जाती है।

Two-Step Verification के बाद ये सावधानियां भी रखें
OTP या WhatsApp का रजिस्ट्रेशन कोड किसी को न बताएं।
Two-Step Verification PIN भी किसी के साथ साझा न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
अनजान नंबरों से आए संदेशों को ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
WhatsApp को हमेशा अपडेटेड रखें।
अपने फोन में स्क्रीन लॉक और बायोमेट्रिक सुरक्षा जरूर रखें।
WhatsApp में Linked Devices की सूची समय-समय पर जांचें और अनजान डिवाइस को लॉग आउट करें।
केवल WhatsApp का आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करें।

छह अंकों का PIN आपके फोन नंबर आधारित अकाउंट में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत

WhatsApp का Two-Step Verification ऑन करना अकाउंट की सुरक्षा मजबूत करने का एक आसान तरीका है। छह अंकों का PIN आपके फोन नंबर आधारित अकाउंट रजिस्ट्रेशन में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ता है। साथ में रिकवरी ईमेल जोड़ने से PIN भूलने की स्थिति में अकाउंट रिकवर करना आसान हो सकता है।

सबसे जरूरी बात-OTP, PIN और रिकवरी ईमेल की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। थोड़ी सी सावधानी आपके WhatsApp अकाउंट को फ्रॉड और अनधिकृत एक्सेस के जोखिम से काफी हद तक बचाने में मदद कर सकती है।