रायपुर

CG Tourism: पर्यटन में 500 करोड़ का निवेश, भोपाल की तर्ज पर रायपुर में बनेगा भारत भवन और मानव संग्रहालय

CG Tourism: पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिला है। सचिव डॉ. रोहित यादव ने विभाग का दो साल का लेखा-जोखा रखा। वहीं पर्यटन में 500 करोड़ के निवेश की जानकारी दी..

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Jan 29, 2026
सचिव डॉ. रोहित यादव ने विभाग का दो साल का लेखा-जोखा रखा ( Photo - Patrika )

CG Tourism: नवा रायपुर में भोपाल की तर्ज पर भारत भवन और मानव संग्रहालय आगामी तीन साल में बनेगा। इस योजना को आगामी तीन साल की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इसका डीपीआर भी बनकर तैयार है। शासन से एप्रूवल मिलना बाकी है। यह जानकारी पर्यटन संस्कृति और पुरातत्व विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। सचिव डॉ. यादव ने भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में उनके विभाग द्वारा किए गए कार्यों की उपलब्धियां विस्तार से बताई।

पर्यटन को मिलेगा उद्योग का दर्जा

उन्होंने कहा, पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में हुआ 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा, पर्यटन, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के बीते दो साल कई उपलब्धियां हासिल की है। सचिव यादव ने बताया कि मायाली-बगीचा सर्किट के जरिए जनजातीय अंचलों में पर्यटन विकास की शुरुआत की गई है। आज स्पेन-थाईलैंड-वियतनाम तक छत्तीसगढ़ वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नजर आता है। पर्यटन गाइड प्रशिक्षण के जरिए गुणवत्ता सेवा और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

भारत भवन की निर्माण लागत 3161.70 लाख

सचिव ने बताया कि पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय परिसर में भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण करने की योजना है। इसके अंतर्गत कला दीर्घा, ललित कला संग्रह, इंडोर और आउटडोर ऑडिटाेरियम, रिहर्सल रूम आदि का निर्माण कराया जाएगा। भारत भवन विवि कला एवं सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण के लिए अनुमानित लागत 3161.70 लाख रुपए है।

भोपाल की तर्ज पर मानव संग्रहालय

पुरखौती मुक्तांगन संग्रहालय उपरवारा परिसर अंतर्गत रिक्त भूमि पर भोपाल की तर्ज पर छत्तीसगढ़ का राजकीय मानव संग्रहालय भवन तैयार कर मानव सभ्यता एवं संस्कृति के विकास एवं छत्तीसगढ़ में निवासरत विभिन्न जनजातीय समुदायों के जीवन पद्धति, रहन-सहन, खान-पान, आचार-विचार, वेशभूषा, भौतिक-अभौतिक संस्कृति एवं पारंपरिक ज्ञान पद्धति को संकलित, संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार किया गया है। जिसकी कुल लागत 864.84 लाख रुपए अनुमानित है।

इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की उपलब्धि

उन्होंने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर छत्तीसगढ़ शासन पर्यटन विभाग के अधीन संस्थान है, जो कि 3 वर्षीय बीएससी. डिग्री एवं 3 डिप्लोमा कोर्स का संचालन करता है। बीएससी कोर्स की डिग्री जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की जाती है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर के छात्रों ने विद्यार्थियों ने आईएचएम, हैदराबाद में आयोजित नेशनल बडिंग सेप प्रतियोगिता में लगातार तीसरे वर्ष प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। एवरेस्ट बैटर किचन कलिनरी एवं बेकरी चैलेंज में प्रथम व द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा और अन्य शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में भी पुरस्कार हासिल किए हैं।

राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर उभरा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य के साथ प्रेस कांफ्रेंस लेते हुए डॉ. रोहित यादव कहा, श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत 50 विशेष ट्रेनों से 42,500 से ज्यादा तीर्थयात्री लाभान्वित हुए। राष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर छत्तीसगढ़ की मजबूत वापसी हुई, जिसमें 20 साल बाद दिल्ली रोड शो आयोजित किया गया। होम स्टे नीति 2025-30 के तहत ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय आजीविका को सशक्त किया गया।

इको-एथनिक ग्लोबल डेस्टिनेशन

डॉ. यादव ने बताया कि सीटीबी मुनाफा 5 गुना बढ़ा है। विभाग ने 2 करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक छलांग लगाई है। पर्यटन नीति 2026 के तहत इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन का रोडमैप तैयार किया जाएगा। 2028 विज़न की बात करते हुए सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ को भारत का अग्रणी इको-एथनिक ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाना है।

पुरातत्व क्षेत्र की उपलब्धियां

सचिव डॉ. यादव ने बताया कि पुरातत्वीय उत्खनन रायपुर जिले के अंतर्गत तहसील स्थित महत्वपूर्ण पुरास्थल रीवां में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2500 वर्ष पुरानी प्रारंभिक ऐतिहासिक सभ्यता के अवशेष प्रकाश में आए हैं। उत्खनन में मृत्तिका स्तूप, वृत्ताकार संरचनाएं, वलय कूप, कुएं जैसी भग्न संरचनाओं के साथ भारत के प्रचीनतम आहत सिक्के तथा कुषाण, मघ, शरभपुरीय और कलचुरी राजवंशों के सिक्के प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त ब्राम्ही लिपि लेखयुक्त तांबे की मुद्रा, स्वस्तिक एवं त्रिमेरु पर्वत अंकित टेराकोटा मोल्ड जैसी महत्वपूर्ण कलाकृतियां भी मिली है।

Updated on:
29 Jan 2026 01:33 pm
Published on:
29 Jan 2026 01:32 pm
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