CG Film City: फिल्म सिटी का भूमिपूजन हो गया है, भूमिपूजन के बाद स्थानीय फिल्कारों की पूछपरख नहीं किए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है..
CG film City: ताबीर हुसैन. माना तूता में 93 एकड़ जमीन पर फिल्म सिटी का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके लिए हाल ही में भूमिपूजन किया गया। हालांकि भूमिपूजन को लेकर छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में नाराजगी भी देखी गई। वजह बताई गई कि उन्हें आमंत्रण नहीं मिला था। आमंत्रण कार्ड में भी किसी बड़े फिल्मकार का नाम अंकित नहीं था, इतना ही नहीं मंच पर भी उन्हें जगह नहीं मिली। इन बातों को लेकर कलाकारों में चर्चाएं देखने को मिली। कुछ फिल्मकारों ने माना कि उनसे रायशुमारी की गई जबकि कुछ ने कहा कि हमें आमंत्रण नहीं दिया गया।
मैं और मनोज वर्मा की उपस्थिति में फिल्म सिटी के मास्टर प्लान पर चर्चा की गई थी। रही बात कार्यक्रम में जाने की तो मैं गया था लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के कारण लौट आया था।
सतीश जैन, निर्माता-निर्देशक
फिल्म सिटी के लिए हमसे पूछा गया था। हमने बताया था कि कौन-कौन सी चीजें हमें चाहिए। रही बात सेट की तो यहां सेट नहीं बल्कि परमानेंट निर्माण होगा। सेट तो फिल्म के सीन के हिसाब से बदलते रहते हैं।
मनोज वर्मा, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्माता
फिल्म सिटी के लिए हमसे कोई राय नहीं ली गई है। इस संबंध में किसी ने फोन नहीं किया। जब भूमिपूजन हुआ तब भी आमंत्रण नहीं आया था।
प्रेम चंद्राकर, निर्देशक
न तो हमें पूछा गया और न बुलाया गया। दर्शक दीर्घा में स्थानीय कलाकारों की बजाय मुंबइया अभिनेताओं के बड़े-बड़े कटआउट लगे थे। ऐसा लग रहा है मानो फिल्म सिटी छत्तीसगढ़ में जरूर बन रही लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए नहीं।
उपासना वैष्णव, अभिनेत्री
जिस तरह मोनाजी ने एक सम्मान कार्यक्रम में सभी को फोन कर-करके बुलाया था, वैसा भूमिपूजन में भी करना था। हम लोगों को जानकारी नहीं मिली। इसलिए हम जा नहीं पाए।
उर्वशी साहू, अभिनेत्री
छत्तीसगढ़ी सिनेमा से जुड़ी हस्तियों को बुलाया तो गया था, वे क्यों नहीं आए मुझे भी नहीं मालूम।
राजेश अग्रवाल, संस्कृति मंत्री
भूमिपूजन में सतीशजी और मनोजजी आए थे। हमने न सिर्फ उन्हें बल्कि कुछ और फिल्मकारों को आमंत्रित किया था। फिल्म सिटी की रूपरेखा में स्थानीय फिल्मकारों का सहयोग लिया जा रहा है। हमने उनके साथ एक बैठक भी की है। जिसमें फिल्म सिटी कैसी हो इस पर रायशुमारी की गई है।
मोना सेन, अध्यक्ष फिल्म विकास निगम