रायपुर

Chhattisgarh News: किसानों के लिए जरूरी खबर, धान खरीदी नियमों में बड़ा बदलाव, अब फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

Chhattisgarh News: धान खरीदी से पहले किसानों के लिए जरूरी खबर। अब धान बेचने के लिए किसान या अधिकृत नॉमिनी का फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा।
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Updated: 24 Oct 2026, 12:33 PM IST
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धान खरीदी की तैयारी (Photo Patrika)

Chhattisgarh paddy procurement: आगामी धान खरीदी सीजन को लेकर किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। नए नियमों के तहत अब धान बेचने के लिए किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही टोकन में निर्धारित धान की मात्रा, खरीदी की सीमा और शेष बची मात्रा को लेकर किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, खरीदी केंद्र में धान बेचते समय किसान या उनके अधिकृत नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) का फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इस बार केवल ओटीपी के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। इसलिए किसानों को समिति पहुंचने से पहले सत्यापन संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

सभी टोकनों में तय होगी समान मात्रा

यदि किसी किसान के पास कुल धान की मात्रा अधिक है और उसके लिए एक से अधिक टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा समान रहेगी। यदि 120 क्विंटल धान के लिए 2 टोकन बनते हैं, तो प्रत्येक में 60-60 क्विंटल दर्ज होगा। इसी तरह 300 क्विंटल धान के लिए 3 टोकन बनने पर हर टोकन में 100-100 क्विंटल की मात्रा निर्धारित की जाएगी।

निर्धारित से कम धान बेचने पर शेष मात्रा होगी निरस्त

टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही खरीदी की जाएगी। यदि किसी किसान के टोकन में 100 क्विंटल की स्वीकृति है और वह केवल 80 क्विंटल धान बेच पाता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा स्वत: निरस्त हो जाएगी। इस बची हुई मात्रा को अगले टोकन में जोडऩे का कोई प्रावधान नहीं है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे टोकन जारी कराने और खरीदी केंद्र जाने से पूर्व संबंधित समिति से नियमों की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान और परेशानी से बचा जा सके।

खरीदी केंद्र जाने से पहले पूरी कर लें तैयारी

  • बायोमेट्रिक सत्यापन: किसान या अधिकृत नॉमिनी के फिंगरप्रिंट से सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  • टोकन की जांच: टोकन में दर्ज धान की मात्रा और खरीदी की निर्धारित तारीख की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।
  • मात्रा का हिसाब: एक से अधिक टोकन जारी होने पर प्रत्येक टोकन में दर्ज मात्रा की जांच करें।
  • उपज की उपलब्धता: टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार धान बेचने की तैयारी करें, क्योंकि कम मात्रा बेचने पर बचा हिस्सा निरस्त हो सकता है।
  • समिति से संपर्क: खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित सहकारी समिति से नए निर्देशों की पुष्टि कर लें।
Updated on:
24 Oct 2026, 12:33 PM IST
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