जीरो बनही हीरो के एक्टर ने तीन चीजें बताई जो सबसे अ‘छी हुईं
ताबीर हुसैन @ रायपुर. मैंने अपनी लाइफ में इतने सारे जीरो देखे हैं कि बता नहीं सकता कितने जीरो मिले। जिंदगी में तीन चीजें बहुत सॉलिड हुई हैं। अ‘छी वाइफ मिली, मैं एक्टर बन गया और तीसरी बात यह कि मैंने रायपुर में घर लिया। इसके अलावा हर चीज में मुझे जीरो मिला है। देखा जाए तो जब मैंने पहली फिल्म की थी, और वह चली तब मैं जीरो से हीरो बना। जीरो से हीरो बनना आसान है लेकिन जीरो से हीरो बनकर मेंटेन करना बड़ा मुश्किल होता है। बीते आठ-नौ सालों में मुझे पब्लिक ने इतना प्यार दिया कि हीरो वाला स्टैंडर्ड मेंटेन करता आ रहा हूं। यह कहा अभिनेता मन कुरैशी ने। उनकी फिल्म जीरो बनही हीरो &0 जून को रिलीज हो रही है। इस मौके पर पत्रिका से खास बातचीत में मन जीरो से संबंधित बातें साझा की।
स्टारडम और फाइनेंशियल ग्रोथ
स्टारडम के बाद आर्थिक तरक्की मिलने में कितना समय लगा? इस पर बोले- डिपेंड करता है कि आपका कॅरियर कैसे चल रहा है। किस तरह की फिल्म कर रहे हैं, कैसे कर रहे हैं। इंडस्ट्री में व्यवहार कैसा है। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर संग संबंध कैसे हैं। यानी हर एक चीज मिलकर आपको एक मुकाम तक पहुंचाती है।
काम के साथ-साथ अ‘छा व्यवहार जरूरी
नई पीढ़ी को मैं हमेशा सजेश करता हूं कि जो भी कर रहे हो वह तो सेकंडरी है लेकिन जिसके साथ काम कर रहे हैं उसके साथ ऐसा व्यवहार बनाकर चलें कि जब वह दूसरी फिल्म करे तो आपके अलावा किसी और को न सोचे। मैंने उस चीज को साबित भी किया है। प्रणव झा के साथ चार फिल्म, उत्तम तिवारी-सुंदरानीजी के साथ पांच फिल्म, नरेश केशरवानी के साथ दो मूवी और भारतीजी के साथ भी दो मूवी।