
अनुपम राजीव राजवैद्य/रायपुर. स्वच्छ भारत मिशन में जहां छोटे शहरों में अंबिकापुर को देश में अव्वल स्थान मिला था। वहीं आज उसके खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की महिलाओं ने एक विशिष्ट कार्य किया है। उनके इस उल्लेखनीय योगदान को केंद्र सरकार ने सराहा और अब गांधी जयंती पर उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
स्वच्छ अंबिकापुर सहकारी समिति को महिला सशक्तीकरण और रोजगार उपलब्ध कराने की श्रेणी में स्वयंसेवी ग्रुप के तहत चुना गया है। इस समिति ने अंबिकापुर में कूड़ा-कचरा उठाकर अपने शहर को स्वच्छ करने के साथ ही उसे पैसे कमाने का जरिया भी बना लिया। इसमें उल्लेखनीय बात यह भी है कि इस कार्य को करने वालीं सभी महिलाएं ही हैं।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी की तीसरी वर्षगांठ पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को नई दिल्ली में स्वच्छता पुरस्कार समारोह आयोजित किया है। केंद्रीय मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में 20 लोगों और 7 एजेंसियों का चयन किया है। इन्हें सम्मानित किया जाएगा।
क्रिभको कम्पोस्ट मार्केटिंग के लिए पुरस्कृत
क्रिभको को कम्पनी श्रेणी में भी चुना गया है। क्रिभको ने वर्ष 2016-17 में 22768 टन उच्च गुणवत्ता की बिक्री की है। वहीं, दिल्ली आधारित नागरिक ग्रुप मेरी दिल्ली इसे साफ रखें को फेसबुक के जरिए सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रयास के लिए स्वयंसेवी प्रयत्न को बढ़ावा देने के वास्ते पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार स्वयं सहायता ग्रुप श्रेणी के अंतर्गत दिया जाएगा।
नो फूड वेस्ट के पिए कोयंबटूर को पुरस्कार
डीएलएफ फेस-4 गुरूग्राम के रिचमोंड पार्क को आरडब्ल्यूए श्रेणी में उत्पत्ति के स्थान से ही अपशिष्ट प्रबंधन के पृथक्कीकरण के लिए किए गए योगदान के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। आरडब्ल्यूए फेडरेशन मैसूरू ने शून्य अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका दर्ज की है। रोस्लेंड हाउसिंग सोसाइटी पुणे को भी अपशिष्ट प्रबंधन की पहल के लिए चुना गया है। कोयंबटूर को नो फूड वेस्ट (खाने की बर्बादी नहीं) पहल के लिए चुना गया है। कोयंबटूर को खाने की बर्बादी रोकने के लिए अभिनव श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा।
बौद्धमठ को भी मिलेगा पुरस्कार
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अंबीकर को स्कूल एवं कॉलेज श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा। सिक्किम के ग्यालशिंग के पिमायंगस्ते बौद्धमठ को शून्य अपशिष्ट प्रबंधन संस्थान के दर्जे के लिए धार्मिक संस्थान की श्रेणी के तहत चुना गया है।