OBC Survey: छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने वर्ष 2024 में कराए गए ओबीसी सर्वे का अब पोर्टल पर ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।
OBC Survey: छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने वर्ष 2024 में कराए गए ओबीसी सर्वे का अब पोर्टल पर ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग को निकायों और नगर पंचायतों में किए गए सर्वे को संधारित कर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार 7 फरवरी तक भेजने को कहा है। इसी तरह सभी कलेक्टरों को भी आयोगों ने कहा है कि 16 फरवरी तक निकायों से भेजे गए सर्वे को 54 बिंदुओं पर किए गए सर्वे के प्रपत्र के अनुसार है कि नहीं इसका परीक्षण कर लें।
साथ ही कहा गया है कि यदि प्रपत्र में कोई कमी होगी तो ऑनलाइन पोर्टल में डेटा एंट्री कार्य में बाधा आ सकती है। इसलिए सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों में 54 बिंदुओं प्रपत्र का परीक्षण कर पूर्ण करा लेवें। इसके साथ ही आगामी डेटा एंट्री कार्य को दृष्टिगत रखते हुए जिले के डिप्टी कलेक्टर स्तर अथवा उच्च स्तर के अधिकारी को नोडल नियुक्त करते हुए संबंधित अधिकारी का नाम, पदनाम, व्हाट्सप्प नंबर आयोग को उपलब्ध कराएं।
जानकारी के अनुसार निकायों और कलेक्टरों से डेटा संकलन की रिपोर्ट आने के बाद आयोग द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर निकायों में आगामी चुनाव के लिए आरक्षण प्रतिशत तय होगा। बता दें कि आयोग ने वर्ष 2024 में कलेक्टरों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग का सर्वे कराया था। जिसमें आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति पर 54 बिंदु शामिल किए गए थे। यह सर्वे पंचायतों से लेकर निकाय स्तर पर किया गया था। जिसका पूरा डेटा निकायों और पंचायतों के पास ही है। इसलिए अब रिपोर्ट भेजने के पहले आयोग ने डेटा संकलित रिपोर्ट मांगी है।
ओबीसी सर्वे की रिपोर्ट शासन को सौंपने के बाद सरकार को ओबीसी वर्ग के लिए नीतिगत फैसला लेने में आसानी होगी। इस डेटा के आधार पर आरक्षण, सामाजिक कल्याण और सामाजिक न्याय से जुड़े निर्णय लेने में महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा ऑफलाइन सर्वे को ऑनलाइन करने से डेटा भी सुरक्षित रहेगी।
बता दें कि पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश में ओबीसी वर्ग का सर्वे कराया था। इस सर्वे का उद्देश्य ओबीसी वर्ग के आरक्षण को नए सिरे से तय करना है। वर्ष 2024 में हुए सर्वे के अनुसार प्रदेश में लगभग 42.5 प्रतिशत ओबीसी वर्ग है। इसके बाद 50 प्रतिशत के लगभग एससी-एसटी वर्ग है।