Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: रायपुर में साइबर ठगी का पैटर्न लगातार बदलता रहता है। ठगी के मामलों में राशि रिकवरी के लिए गोल्डन ऑवर महत्वपूर्ण है।
Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: छत्तीसगढ़ के रायपुर में साइबर ठगी का पैटर्न लगातार बदलता रहता है। वर्तमान में जिस तरीके से ऑनलाइन ठगी हो रही है, उसमें डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग आदि जैसे ठगी के मामलों में राशि रिकवरी के लिए गोल्डन ऑवर महत्वपूर्ण है। ठगी के एक घंटे के भीतर पीडि़त साइबर सेल, रेंज साइबर थाना या पुलिस तक पहुंच जाता है, तो ठगी की राशि को रिकवर करने में काफी मदद मिलती है।
Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: ठगी की राशि को होल्ड करवाया जा सकता है। साइबर ठगी के ऐसे मामले जिसमें ठग ऑनलाइन खरीदारी की हो और उसमें सामान की डिलीवरी न हुई हो, तो वह 3 दिन के भीतर भी राशि होल्ड होने की संभावना रहती है। कई मामलों में जांच के दौरान म्यूल खातों की राशि को भी होल्ड कराया जाता है।
तेलीबांधा में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर युवती 88 लाख की ठगी के मामले में ऐसा ही हुआ। कई म्यूल खातों में जमा हुई राशि को होल्ड कराते-कराते पूरे 88 लाख रुपए होल्ड कराए गए हैं। इसमें ठगी करने वाले 7 आरोपियों को भी पकड़ा गया है। पंडरी की बुजुर्ग महिला के डिजिटल अरेस्ट के मामले में भी दो आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है।
डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग के दोनों मामले में साइबर पुलिस ने ठगों द्वारा खोले गए म्यूल खातों की जांच की। इसके अलावा मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच के जरिए उनका पता लगाया। इसमें आरोपियों ने फर्जी बैंक खाता तथा फर्जी मोबाइल नंबरों का उपयोग किया था। ये फर्जी बैंक खाते देश के विभिन्न राज्यों के थे।
इसी प्रकार ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर भी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से लिए गए थे। रेंज साइबर पुलिस थाना की टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच पाई।