रायपुर

Raipur city… 20 वाटर एटीएम अब खुद पानी के लिए तरस रहे…लोगों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं

रायपुर शहर (Raipur city)में लगे 20 वाटर एटीएम (20 water ATMs) अब खुद पानी के लिए तरस रहे हैं। गर्मी में जब हर बूंद पानी कीमती (In summers when every drop of water is precious) है, ऐसे में इन वाटर एटीएम को लेकर जिम्मेदार की लापरवाही और मेंटेनेंस की कमी के कारण लोगों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। वर्षों पहले नगर निगम ने स्वच्छ जल की सुविधा देने के उद्देश्य से इन वाटर एटीएम को स्थापित किया था, लेकिन अब ये सभी सिर्फ पानी के लिए तरस रहे हैं और बंद पड़े हैं।

2 min read
Mar 31, 2025
Raipur city... 20 वाटर एटीएम अब खुद पानी के लिए तरस रहे...लोगों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं

2018 में शुरू अब बंद

वर्ष 2018 में राहगीरों और आम लोगों के लिए 20 वाटर एटीएम लगाए गए थे, लेकिन कुछ वर्षों बाद ही ये मेंटेनेंस के अभाव में बंद हो गए। बताया जा रहा है कि नगर निगम रायपुर द्वारा सही से मेंटेनेंस राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण ठेकेदार ने मशीनें निगम को हैंडओवर कर दी। अब हालात ये हैं कि ये एटीएम गर्मी के मौसम में लोगों के लिए पानी का सबसे बड़ा संकट बन चुके हैं।

अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा

निगम के अधिकारियों ने टेंडर की प्रक्रिया और मेंटेनेंस राशि को लेकर बड़ी लापरवाही दिखाई है। जब प्रदेश के अन्य 10 नगर निगमों में जल एटीएम चालू हैं और वहां ठेकेदार को मेंटेनेंस का पैसा मिल रहा है तो रायपुर में क्यों ठेकेदार का भुगतान रोका गया? वाटर एटीएम के पूर्व ठेकेदार धर्मेन्द्र शाह का कहना है कि इन एटीएम में आरओ प्रणाली लगाना जरूरी था, क्योंकि राजधानी के बोर से निकलने वाले पानी का टीडीएस बहुत ज्यादा है। यही कारण है कि ये एटीएम सिर्फ यूवी वाटर से काम नहीं कर सकते थे। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी थी, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवेदन पर ध्यान नहीं दिया।

सर्वे के बाद एटीएम की चाबी सौंपी

ठेकेदार ने भुगतान नहीं मिलने पर वाटर एटीएम की चाबी निगम को सौंप दी। इसके बाद निगम ने तीन महीने के लिए एक अन्य ठेकेदार को एटीएम चलाने का जिम्मा सौंपा और उसे 8 लाख रुपए का भुगतान किया। लेकिन इस भुगतान के बाद भी एटीएम फिर से बंद हो गए। अब हालात ये हैं कि कई एटीएम गायब होने की भी चर्चा हो रही है।

20 लाख 50 हजार का भुगतान भी नहीं

राज्य सरकार द्वारा वाटर एटीएम के मेंटेनेंस के लिए 20 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए थे, लेकिन ठेकेदार को यह राशि नहीं दी गई। इस भुगतान को रोकने के बाद ठेकेदार ने अपना काम बंद कर दिया और एटीएम की चाबी निगम के हवाले कर दी।

अब फिर से सर्वे कराया जा रहा

6 साल के लिए टेंडर किया गया था, लेकिन ठेकेदार ने 6 साल के लिए रेट नहीं डाला था, बल्कि प्रतिवर्ष के लिए रेट डाला था। ठेकेदार ने बीच में टेंडर छोड़ दिया था, जिसके बाद तीन माह के लिए एटीएम चालू किया गया था। अब फिर से सर्वे कराया जा रहा है, ताकि स्थिति का आंकलन किया जा सके।

  • कृष्णादेवी खटीक, प्रभारी अधिकारी, नगर निगम जल विभाग
Published on:
31 Mar 2025 11:36 am
Also Read
View All
बस्तर का तुलसीदास… 14 साल की तपस्या से जन्मी हल्बी रामायण, राष्ट्रपति मुर्मू के सामने प्रदर्शित होगी अनूठी विरासत

मुख्यमंत्री साय ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की, निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति, छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ‘बस्तर पंडुम-2026‘ का करेंगी शुभारंभ, राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य, सांसद भी होंगे शामिल*

CG Vidhansabha: हंगामेदार होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र: 6 दिन में 1100 से अधिक सवाल

अगली खबर