रायपुर

सोशल मीडिया पर दोस्ती, मुलाकात फिर जेल! रायपुर में 20 से ज्यादा केस दर्ज, नाबालिग भी शिकार

Chhattisgarh News: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना अब युवक-युवतियों और नाबालिगों के लिए खतरे की वजह बनता जा रहा है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुरू होने वाली दोस्ती कई बार प्यार, शादी के वादे, दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और यहां तक कि हत्या जैसी वारदातों तक पहुंच रही है।
2 min read
• •
Updated: 25 Oct 2026, 8:36 AM IST
Social Media Crime (फोटो सोर्स- AI)
Social Media Crime (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@नारद योगी। Social Media Crime: सोशल मीडिया के अनजान दोस्तों पर भरोसा करना महंगा पड़ रहा है। इससे युवक-युवतियों के साथ ही नाबालिगों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग से लेकर मर्डर तक की घटनाएं भी हो रही हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम के जरिए रायपुर के युवक-युवतियां व नाबालिग दूसरे राज्य व शहर के युवक-युवतियों से दोस्ती कर रहे हैं। इसके बाद मेलजोल शुरू हो जाता है। फिर युवतियों व नाबालिग को शादी करने का प्रलोभन देकर उनसे दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग करते हैं। मर्डर भी हो चुका है।

रायपुर के अलग-अलग थानों में ऐसे मामलों में दुष्कर्म के 20 से अधिक ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद उन्हें शादी करने का झांसा देकर उनसे दुष्कर्म किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों से दोस्ती करना युवतियों के साथ नाबालिगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

कोरबा से रायपुर आ गई पीड़िता

उरला इलाके में रहने वाले सुनील निषाद की कोरबा की एक युवती से इंस्टाग्राम में दोस्ती हुई। प्रेम प्रसंग चलने पर सुनील ने युवती को रायपुर बुलाया। वह कोरबा से रायपुर पहुंची। यहां शादी का आश्वासन देकर आरोपी ने दुष्कर्म किया। कुछ दिनों बाद शादी करने से इनकार कर दिया। पीडि़ता की शिकायत पर उरला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म कर केस दर्ज किया है।

राजधानी में हर साल 200 से ज्यादा दुष्कर्म के मामले दर्ज हो रहे हैं। इसमें अब सोशल मीडिया से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रहे हैं। रायपुर जिले में दुष्कर्म के मामले वर्ष 2023 में 223, वर्ष 2024 में 247 और वर्ष 2025 में 218 दर्ज हुए थे। वर्ष 2026 में भी अलग-अलग थानों में 100 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं।

हर साल 200 से ज्यादा केस

ब्लैकमेलिंग और शोषण भी

सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से दोस्ती करने वाली युवतियां, महिलाएं और नाबालिग दुष्कर्म के अलावा ब्लैकमेलिंग और शोषण की भी शिकार हो रही हैं। इसमें आरोपी पहले दोस्ती करते हैं और निजी चैट या तस्वीरें-वीडियो हासिल करते हैं। फिर मिलने बुलाकर शारीरिक और आर्थिक शोषण करते हैं। इसके चलते कई बार हत्या जैसी घटना को भी अंजाम दे देते हैं।

ऐसे बरतें सावधानी

  • सोशल मीडिया पर किसी भी ऐसे व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें जिसे आप वास्तविक जीवन में नहीं जानतीं या जिसका प्रोफाइल संदिग्ध लगता हो।
  • ऑनलाइन बातचीत के दौरान अपना फोन नंबर, घर का पता, पर्सनल तस्वीरें या वीडियो, बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।
  • यदि सोशल मीडिया से बने दोस्त से पहली मुलाकात हमेशा किसी सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान पर ही करें। कभी भी किसी बंद कमरे, होटल के कमरे या सूने इलाके में अकेले न जाएं-किसी नए व्यक्ति से मिलने जाने से पहले अपने परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य या करीबी दोस्त को उस व्यक्ति की पूरी जानकारी, लोकेशन और मिलने के स्थान के बारे में बताएं।
  • किसी पर भी पूरी तरह भरोसा न करें। वीडियो कॉल के जरिए यह सुनिश्चित करें कि सामने वाला व्यक्ति वही है, जो वह दावा कर रहा है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट की अन्य गतिविधियों और दोस्तों की सूची भी चेक कर लें-यदि कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन ब्लैकमेल कर रहा है, तो डरने या छिपाने के बजाय तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें और आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें।
Updated on:
25 Oct 2026, 8:36 AM IST
Published on: