CG News: रायपुर से देवभोग मार्ग पर चल रही एक बस में हालत इतनी खराब थी कि सभी सीटें भरी होने के बावजूद यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर खड़ा किया गया। कतार में खड़ी एक बुजुर्ग महिला को चक्कर आ गया।
CG News: @ताबीर हुसैन। कभी कहा जाता था ‘नीम हकीम खतरा ए जान’, लेकिन अब यह कहावत यात्री बसों पर सटीक बैठती नजर आ रही है। राज्य की सडक़ों पर दौड़ती कई यात्री बसें आज खुद ‘खतरा ए जान’ बन चुकी हैं। रायपुर से विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरना आम हो गया है। खासकर 5 से 6 घंटे के लंबे रूट पर यह स्थिति ज्यादा गंभीर है, जहां यात्रियों की सुरक्षा से ज्यादा कमाई को तरजीह दी जा रही है।
रायपुर से देवभोग मार्ग पर चल रही एक बस में हालत इतनी खराब थी कि सभी सीटें भरी होने के बावजूद यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर खड़ा किया गया। कतार में खड़ी एक बुजुर्ग महिला को चक्कर आ गया। यात्रियों ने जैसे-तैसे पानी पिलाकर संभाला। हालत यह थी कि ड्राइवर की सीट के आसपास तक सवारियां बैठी थीं।
रायपुर से बिलासपुर मार्ग की बस में भी क्षमता से ज्यादा यात्री थे। भीड़ के बीच एक महिला पूरे सफर में सहमी रही। उसे डर था कि कहीं भीड़ का फायदा उठाकर कोई उसके गले से सोने का हार न खींच ले। वह कुछ कह नहीं पा रही थी, लेकिन उसके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था।
बस मालिक ज्यादा कमाई के चक्कर में नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं कुछ संचालकों का दावा है कि ड्राइवर और कंडक्टर की मिलीभगत से अतिरिक्त सवारियां बैठाई जाती हैं, ताकि रास्ते में नकद कमाई बढ़ाई जा सके।
परिवहन उडऩदस्ता रायपुर के अनुसार मार्च 2025-26 के दौरान ओवरलोङ्क्षडग के 78 मामलों में 114390 रुपए जुर्माना वसूला गया। वहीं परमिट उल्लंघन, अतिरिक्त किराया और सुरक्षा से जुड़े कुल 222 मामलों में 815600 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
रायपुर से महासमुंद रूट पर महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने के बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन हकीकत अलग है। महिलाएं खड़ी होकर सफर करने को मजबूर हैं। तर्क दिया जाता है कि उन्हें पास में ही उतरना है, इसलिए सीट नहीं दी जाती। यानी नियम सिर्फ दिखावे तक सीमित हैं।
परिवहन विभाग के पास नियम तोडऩे पर जुर्माना, वाहन जब्त करने और बार-बार उल्लंघन पर फिटनेस या परमिट रद्द करने तक के अधिकार हैं। विभाग समय-समय पर औचक जांच और विशेष अभियान भी चलाता है। बस संचालकों और यात्रियों को लगातार सुरक्षित यात्रा के लिए समझाइश दी जा रही है
केशव राजवाड़े, परिवहन उडनदस्ता प्रभारी रायपुर