
रामपुर. उर्दू गेट तोड़ने और मदरसा आलिया से कब्जा हटाने के बाद जिला प्रशासन ने सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आजम खान के खिलाफ एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। लोकसभा चुनाव में शांतिभंग की आशंका जाहिर करते हुए डीएम ने समाजवादी पार्टी आजम खान का शस्त्र लाइसेंस निलबिंत कर दिया है। जिला प्रशासन को आशंका है कि लोकसभा चुनाव में शांतिभंग हो सकती है। जिसके चलते एसपी की तरफ से दी गई रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कार्रवाई की है।
एसपी ने उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति डीएम को दी है। संस्तुति के आधार पर डीएम ने आजम खान से 10 अप्रैल तक जवाब देने का नोटिस जारी किया है। बताया गया है कि अगस्त 2018 को आरोप पत्र संख्या-475 माननीय न्यायालय को भेजा प्रेषित किया गया है। जिससे देखते हुए लोकसभा चुनाव 2019 में भी शांति भंग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। डीएम ने आजम खान को नोटिस कर 10 अप्रैल तक जवाब मांगा है। नोटिस में साफ कहा गया है कि तय समय में जवाब नहीं मिलता है तो समझा जाएगा कि इस बारे में आपको कुछ नहीं कहना है। उसके बाद में जिला प्रशासन शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर सकता है।
डीएम आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि पूर्व में दर्ज एफआईआर और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी करते हुए 10 अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देने को कहा गया है। अगर कोई जवाब नहीं मिलता है तो एकतरफा कार्रवाई कर दी जाएगी।