
Kitchen Vastu tips right direction of stove water purifier and cooking: वास्तु शास्त्र में स्पष्ट बताया गया है कि घर में कौन सा रूम कहां होना चाहिए। यदि वास्तु नियमों का पालन न किया जाए, तो यही घर या प्रतिष्ठान जी का जंजाल बनकर रह जाते हैं। परिवार के सदस्यों की नौकरी, तरक्की, आर्थिक स्थिति से लेकर आपस में प्रेम और अन्य संबंधों पर भी अपना नेगेटिव इफेक्ट डालते हैं। इसीलिए छोटा सा वास्तु दोष भी बहुत खतरनाक साबित होता है। ऐसे में यदि हम घर के वास्तु की बात करें, तो किचन तक का सही दिशा में होना अनिवार्य है। किचन यदि सही दिशा में हो, तो घर-परिवार में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती। घर में मां लक्ष्मी का वास रहता है। रसोई की गलत दिशा घर की सुख-शांति तक छीन सकती है। घर के सदस्यों के बीच लड़ाई का कारण बन सकती है। ऐसे में वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना जरूरी हो जाता है। पत्रिका.कॉम के इस लेख में जानें घर की किस दिशा में होना चाहिए किचन, कहां रखना चाहिए गैस चूल्हा, बर्तन और वॉटर फिल्टर...
किचन के लिए जरूरी 10 वास्तु टिप्स (10 Vastu Tips for Kitchen)
वास्तु एक्सपर्ट का कहना है कि किचन की दिशा सही हो, तो घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पृथ्वी, आकाश, वायु, अग्नि और जल के तत्वों का उचित संतुलन होना जरूरी है।
1. आग से जुड़ी चीजों को घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। इसीलिए किचन घर के दक्षिण-पूर्व कोने में होना चाहिए।
2. गैस चूल्हे को किचन की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह अग्रिदेवता का कोना है।
3. चूल्हा ऐसा रखना चाहिए कि खाना बनाने वाले का चेहरा पूर्व दिशा की ओर हो। यदि खाना बनाने वाले का चेहरा पश्चिम दिशा में होता है, तो सेहत खराब होती है। बीमारियां आती हैं।
4. यदि खाना बनाते समय चेहरा दक्षिण दिशा की ओर हो, तो आर्थिक परेशानियां हमेशा बनी रहती हैं।
5. वहीं किचन का सिंक किचन के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में रखा जाना चाहिए।
6. वहीं उत्तर-पूर्व दिशा में पानी के बर्तन रखने चाहिएं।
7. किचन की उत्तर पूर्व दिशा में ही आरओ या अन्य वाटर फिल्टर रखना शुभ होता है।
8. किचन अच्छी, बड़ी और व्यवस्थित हो तो सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। घर में समृद्धि आती है।
9. किचन की खिड़कियां रोशनीदार, हवादार होनी चाहिएं।
10. किचन में अनाज को पश्चिम और दक्षिण की दीवारों की तरफ रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर-यह लेख वास्तु शास्त्र नियमों और मान्यताओं पर आधारित है, पत्रिका.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।