धर्म और अध्यात्म

Sawan 2026: राहु-केतु से लेकर चंद्र दोष तक, सावन के 8 व्रतों का क्या है महत्व? ज्योतिषाचार्य से जानिए

Sawan Somvar 2026: क्या सिर्फ शिव पूजा ही सावन का उद्देश्य है? ज्योतिष के अनुसार इस महीने के आठ व्रत अलग-अलग ग्रह दोषों और मनोकामनाओं से जुड़े माने गए हैं।
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Aug 03, 2026
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Sawan Somvar 2026: सावन के 8 व्रतों का क्या है महत्व? ज्योतिषाचार्य से जानिए (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Sawan 2026: आज सावन का पहला सोमवार है। देश के सभी बड़े शिवालयों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास बताते है कि सावन सोमवार (Sawan Somvar) का व्रत रखने का खास महत्व शिव पुराण में माना जाता है। इस व्रत को करने से आपको भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और इसके प्रभाव से आपके जीवन में सुख शांति और संपन्नता बढ़ती है और ग्रहों की दशा में सुधार होता है। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे। पहला सोमवार आज है। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे।

मंत्र जाप करने से मिलता है लाभ

वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय मंत्र जप का भी बहुत महत्व होता है। 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जप करने से सभी तरह के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। शिव भगवान को यदि प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए।

सावन में सोमवार का होता है खास महत्व

सावन माह में सोमवार के दिन का भी विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस महीने राशि के अनुसार विशेष उपाय करने शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। सावन के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है। इस महीने में भोलेशंकर की विशेष अराधना की जाती है। लोग भोले शंकर का रुद्राभिषेक कराते हैं। सावन के पावन महीने में शिव के भक्त कावड़ लेकर आते हैं और उस कांवड़ में भरे गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करते हैं।

दूर होता है राहु-केतु का अशुभ प्रभाव

अनीष व्यास ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है इस दिन जो भी पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। इसके फलस्वरूप महादेव ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वर दिया। मान्यता है कि जो भी सावन के सोमवार में भगवान भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करता है उसे मनचाहा वर या वधू प्राप्त होता है। इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और इसके अलावा राहु-केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है।

अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि भगवान शंकर को जिस तरह से सावन मास प्रिय है। ठीक उसी तरह से मां पार्वती को भी सावन का महीना अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन महीने में सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। वहीं सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रकने से मां पार्वती की कृपा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

सावन के सोमवार पर अद्भूत योग

दूसरा सोमवार- 10 अगस्त 2026
सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग

तीसरा सोमवार- 17 अगस्त 2026
नाग पंचमी पर्व

चौथा सोमवार- 24 अगस्त 2026
सर्वार्थ सिद्धि योग

मंगला गौरी व्रत तिथि

पहला मंगला गौरी व्रत - 4 अगस्त 2026
दूसरा मंगला गौरी व्रत – 11 अगस्त 2026
तीसरा मंगला गौरी व्रत – 18 अगस्त 2026
चौथा मंगला गौरी व्रत – 25 अगस्त 2026

Updated on:
03 Aug 2026 04:02 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:02 pm