परिजनों का आरोप है कि बंडा पुलिस ने 10 हजार रुपए मांगे और न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी है। परिवार ने बंडा थाना पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है।
बंडा थाना के 2 पुलिसकर्मियों पर क्षेत्र की एक महिला ने घर में घुसने और कम कपड़ों में उसे बाथरूम से जबरदस्ती बाहर खींचने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में महिला ने परिजनों के साथ एसपी कार्यालय आकर वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। वहीं बंडा थाना प्रभारी अंजली उदेनिया ने महिला के आरोपों का अनरगल बताया है और कहा है कि पुलिस नगर में हुए एक फायरिंग की घटना में आरोपी युवक को पकडऩे पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि बंडा पुलिस ने 10 हजार रुपए मांगे और न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी है। परिवार ने बंडा थाना पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह 10 बजे वह घर पर बाथरूम में थी, तभी बंडा थाना के पुलिसकर्मी दुर्गेश सोनी और पुष्पेंद्र शर्मा उसके घर में घुस आए। दोनों पुलिसकर्मी ने बाथरूम से हाथ पकडकऱ बाहर निकाला, जबकि वह पूरे कपड़े भी नहीं पहने थी। वे उसके लडक़े के विषय में पूछने लगे। जब पुलिसकर्मियों को घर में युवक नहीं मिला तो उन्होंने घर में तोडफ़ोड़ की। रिश्तेदार की गाड़ी उठा ले गए।
कुछ समय पूर्व रेस्ट हाउस व पुलिस थाने के पास ही फायरिंग की घटना हुई थी। बंडा थाना प्रभारी अंजली उदेनिया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि एक नीले रंग की बाइक से जा रहे युवक के पास देशी कट्टा है। पुलिस नीले रंग की बाइक का पीछा कर रही थी, पुलिस को महिला के घर के पास नीले रंग की बाइक रखी मिली। पुलिस घर के पास पूछताछ कर रही थी तो वहां अन्य लोग भी आ गए। पुलिस महिला के घर के अंदर गई ही नहीं थी, लगाए गए आरोप निराधार हैं।