
श्रीगंगानगर। चर्चित बालिका देहशोषण प्रकरण में पोक्सो प्रकरणों की विशेष अदालत संख्या एक ने तीन होटलों होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम में 13 वर्षीय बालिका का देहशोषण करने वाले 15 ग्राहकों सहित 22 आरोपियों पर आरोप तय किए है। विशिष्ट लोक अभियोजक मनेाहरलाल पंवार ने बताया कि विशेष कोर्ट के स्पेशल जज योगेश जोशी ने इस प्रकरण के 22 आरोपियों पर चार्ज तय किए है।
अब आरोपियों मयंक, हरदीप सिंह, सचिन कुमार, सुधीर शर्मा, तरूण, अमन कुमार, रामबाबू, लालचंद, मुकेश नाथ, दीपक कुमार, परविन्द्र उर्फ बाबू, मुकेश कुमार, भरत कुमार, दीपक शर्मा, दिनेश, आकाश, अमनदीप सिंह पुत्र गुरमीत सिंह, मनीष कुमार, लक्ष्मण, राम बाबू पुत्र रामाशंकर, अमनदीप सिंह पुत्र सुखदेव सिंह और गुरपाल उर्फ गुरी के खिलाफ अदालत में ट्रायल होगा। मामले में चार आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इनमें होटल ड्रीम का संचालक राकेश कुमार नायक, ग्राहकों को होटलों तक पहुंचाने में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाला सूरज और दो अन्य युवक शामिल हैं।
बालिका से तीन होटलों में देहशोषण का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की थी। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक जुलाई को होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की थी। इधर, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने शहर में संचालित प्रत्येक होटलों की जांच कराई गई, इसमें 100 होटलों में विभिन्न तरह की खामियां उजागर हुई है। इस प्रकरण के बाद नगर परिषद प्रशासन ने तीन होटलों को सीज भी किया था।
पुलिस के अनुसार 18 जून को पीड़िता जब अपने घर से श्रीगंगानगर से रवाना होकर श्रीविजयनगर गई थी और वहां अपने दोस्त गुरी से मिलने पहुंची। आरोपी गुरी उर्फ गुरदयाल सिंह ने इस पीड़िता को अपने गांव ले जाने की बजाय श्रीविजयनगर में किसी किराये के कमरे में ले जाकर वहां उससे दुष्कर्म किया था। इसके बाद यह पीड़िता श्रीगंगानगर आई तब उसे रिक्शा चालक उसे हाउसिंग बोर्ड स्थित होटल जॉय इन लेकर पहुंचा। वहां उसने मैनेजर को अपनी स्थित बताई तब उसे देहशोषण करने के लिए मजबूर कर दिया।
18 से 21 जून तक शहर के हाॅटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम में भी उसका देहशोषण किया गया। इस बीच पीड़िता की मां ने 22 जून को सदर पुलिस को अपनी बच्ची के लापता होने के बारे में मदद मांगी तब सदर सीआई ने हाउसिंग बोर्ड होटल जॉय इन में दबिश दी। तब पीड़िता दस्तायब हुई। इसके बाद मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू हुई। वहीं पुलिस प्रशासन ने कुल 22 आरोपियों को गिरफतार कर आठ अगस्त को अदालत में चार्जशीट पेश की थी।