
राजसमंद. राजस्थान साहित्यकार परिषद की अगस्त माह की मासिक साहित्यिक संगोष्ठी साहित्यकार त्रिलोकीमोहन पुरोहित की अध्यक्षता एवं साहित्यकार-समालोचक माधव नागदा के सानिध्य में संपन्न हुई। संगोष्ठी में कविता, गजल, गीत, लघुकथा और यात्रा संस्मरण की विविध प्रस्तुतियों ने साहित्यिक रंग जमाया। डॉ. नरेंद्र निर्मल ने ‘वर्तमान की पीड़ा से’, किशन कबीरा ने राजस्थानी कविता ‘मिनख’ और माधव नागदा ने ‘केवल सीमा पर नहीं आता युद्ध’ प्रस्तुत की। संयोजक अखिल नागदा ने लघुकथा ‘फीस’ सुनाई। अध्यक्ष पुरोहित ने गीत ‘सूरज भी संवाद करेगा, चंदा भी अनुवाद करेगा’ प्रस्तुत किया। शेख अब्दुल हमीद ने गजल ‘तेरा नाम लेकर सताती है दुनिया’ तथा अयाज मोहम्मद इलियास ने ‘मर जायेगा बंदे याद आयेंगे तेरे काम’ सुनाई। प्रमोद सनाढ्य ने ‘आदमी बनाम कलश’, डॉ. राजकुमार राज ने शिमला-मनाली यात्रा संस्मरण, अतिथि कवि धीरेंद्र शर्मा ने रचना पाठ और ईश्वर चंद्र शर्मा ने ‘अब बस मौन’ प्रस्तुत किया। समापन पर पुरोहित व माधव नागदा ने प्रस्तुतियों को सारगर्भित और समय की पड़ताल करने वाला बताया।