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खुद स्वस्थ, कागजों में दिव्यांग, नौकरी के लिए 10 लाख का खेल, साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने वाला गिरोह बेनकाब, चार गिरफ्तार

Kanpur News:कानपुर में एसटीएफ और सचेंडी पुलिस ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर साल्वर से बैंक पीओ परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। जांच में फर्जी प्रमाणपत्र, रुपये के लेनदेन और कई परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज मिले।
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Aug 24, 2026
IBPS PO Exam
फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर साल्वर से परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के पकड़े गए आरोपित - फोटो पत्रिका

IBPS Exam Fraud: कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वाले गिरोह का सचेंडी पुलिस और एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। गिरोह स्वस्थ अभ्यर्थियों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर उन्हें दिव्यांग कोटे का लाभ दिलाता था। इसके बाद रुपये लेकर पेशेवर लेखक सहायक की व्यवस्था कर परीक्षा में उनकी जगह प्रश्नपत्र हल कराया जाता था। 22 अगस्त को बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान की प्रोबेशनरी अधिकारी व प्रबंधन प्रशिक्षु प्रारंभिक परीक्षा के दौरान पुलिस ने चार आरोपितों को पकड़कर गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक आइपैड, आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वाहन चालक प्रमाणपत्र, दो एटीएम कार्ड, 2,750 रुपये नकद, परीक्षा संबंधी दस्तावेज और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है।

परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध गतिविधि से खुला फर्जीवाड़ा

भैलामऊ स्थित परीक्षा केंद्र पर अवनीश यादव के लिए आशीष कुमार और एक युवती के लिए बिहार निवासी राहुल कुमार सिन्हा लेखक सहायक बनकर पहुंचे थे। पूछताछ में दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसी दौरान पुलिस को लेखक सहायकों के चयन में भी गड़बड़ी मिली। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसे अंकित सचान ने अनुराधा के लिए बुलाया था। इसके बाद अंकित को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

एक लाख रुपये में बनवाया दिव्यांग प्रमाणपत्र

अवनीश यादव ने पूछताछ में बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और स्नातकोत्तर तक पढ़ाई कर चुका है। इसके बावजूद उसने वर्ष 2025 में करीब एक लाख रुपये देकर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया था। मनोज कुमार यादव के माध्यम से शमशेर उर्फ शीलू सचान से प्रमाणपत्र बनवाने की बात सामने आई। इससे पहले भी दो परीक्षाओं में उसके लिए लेखक सहायक लगाए गए थे। 22 अगस्त की परीक्षा में आशीष कुमार को इसके लिए 30 हजार रुपये दिए गए थे। उसके मोबाइल में भुगतान की रसीद और परीक्षा संबंधी बातचीत भी मिली है।

प्रेमिका को नौकरी दिलाने के लिए दस लाख में सौदा

अंकित सचान ग्रामीण बैंक में वसूली प्रबंधक है। पुलिस के अनुसार वह दिव्यांग कोटे के माध्यम से प्रेमिका को नौकरी दिलाना चाहता था। उसने वर्ष 2024 में करीब 65 हजार रुपये देकर उसका दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया था। इसके बाद 22 अगस्त की परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए दस लाख रुपये में सौदा किया गया। अग्रिम के रूप में 21 और 22 अगस्त को दस-दस हजार रुपये भेजे गए थे।

मोबाइल और आइपैड से खुला बड़ा नेटवर्क

राहुल के मोबाइल और आइपैड में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रवेश पत्र, लेखक सहायक प्रपत्र, प्रमाणपत्र और लेनदेन से जुड़ी बातचीत मिली है। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और ऑनलाइन पढ़ाने के दौरान वह ऐसे लोगों के संपर्क में आया था, जो फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों को लेखक सहायक उपलब्ध कराते थे। जांच में शमशेर उर्फ शीलू सचान, मनोज कुमार यादव, सुरजीत कुमार, मनोरंजन, राजू गुप्ता, मनीष कुमार मिश्रा और राहुल यादव समेत कई अन्य नाम सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे गिरोह के नेटवर्क और पूर्व में कराई गई परीक्षाओं की जानकारी जुटा रही है।

दर्ज किया गया मुकदमा

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि 22 अगस्त को भैलामऊ स्थित परीक्षा केंद्र पर बैंक पीओ की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान अवनीश यादव, आशीष कुमार और राहुल कुमार सिन्हा लेखक सहायक बनकर पहुंचे थे। गड़बड़ी की सूचना मिलते ही मौके पर एसटीएफ और पुलिस टीम पहुंची और पूछताछ की।पूछताछ के बाद अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान को गिरफ्तार किया गया। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

Updated on:
24 Aug 2026 03:51 pm
Published on:
24 Aug 2026 03:51 pm