सिकांतो मंडल यूपी के मथुरा के रहने वाले हैं और नौवीं क्लास के स्टूडेंट हैं।
हर बड़े काम की शुरुआत छोटी ही होती है, हालांकि यह शुरुआत कोई बड़ा व्यक्ति भी कर सकता है तो छोटा बच्चा भी। बेशक अगर आप यह सोचते हैं कि बच्चों का काम केवल स्कूल जाकर पढ़ाई करना और खेलना कूदता ही होता है तो सिकांतो मंडल की कहानी आपको एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर देगी। हम में से ज्यादातर लोग हर चीज के लिए व्यवस्था को दोष देते हैं, लेकिन ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो खामियों को सुधार कर व्यवस्था की मदद के लिए उतरते हैं।
सिकांतो मंडल यूपी के मथुरा के रहने वाले हैं और नौवीं क्लास के स्टूडेंट हैं। एक बार गेम्स पीरियड में स्कूल का प्ले ग्राउंड गंदा था। इस वजह से ग्राउंड को साफ होने में काफी समय लग गया और मैच पूरा नहीं हो सका। इसके बाद तय किया कि क्यों न कोई ऐसी तकनीक बनाई जाए जिससे गंदगी से पटा मैदान कम से कम समय में आसानी से साफ हो सके। इसके लिए सबसे पहले कागज पर मॉडल की डमी बनाई।
स्कूल शिक्षकों की मदद से पुराने बेंच की लकडिय़ों और लोहों का प्रयोग कर ‘गारबेज कार्ट’ तैयार किया जिसकी मदद से मैदान को आसानी से साफ किया जा सकता है। कार्ट का प्रयोग स्कूल में होने लगा जिसे ‘स्वच्छता कार्ट’ का नाम दिया गया। इनके कार्ट को लेकर गुजरात की एक ‘स्टार्टअप कंपनी ने इनसे संपर्क किया और बड़ी मात्रा में इस स्वच्छता कार्ट को बनाने की बात कही थी। सिकांतो अब मई में जापान जा रहे हैं जहां स्कूली बच्चों को कार्ट के बारे में विस्तृत जानकारी दे उन्हें भी कुछ नया सिखाएंगे।
चर्चा में : कूड़ा इकट्ठा करने के लिए एक विशेष तरह का कार्ट तैयार किया है जिससे कूड़े और गंदगी को आसानी से बिना हाथ लगाए ही उठाया जा सकता है। मई २०१८ में जापान जाएंगे जहां स्कूली बच्चों के बीच अपने इस कार्ट की प्रेजेंटेशन देंगे।
बीते २४ जनवरी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम में इनके बनाए हुए कार्ट की तारीफ कर चुके हैं।