
smart city
ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर
हालांकि दूसरी ओर हुब्बल्ली में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं ने शहर में रियल एस्टेट परिदृश्य को बदल दिया है। पुनर्विकसित टोलनकेरे झील और नव विकसित ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर के आसपास स्थित क्षेत्रों में भूमि की दरें काफी बढ़ गई हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर को उनकल नाले के ऊपर 4.5 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया गया है। आस-पास के इलाकों में बारिश के पानी को रोकने के लिए उपाय किए हैं। उनकल झील का निर्माण 1893 में हुब्बल्ली शहर के लिए पीने के पानी के मुख्य स्रोत के रूप में किया गया था। 260 एकड़ के क्षेत्र के साथ यह हुब्बल्ली के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत थी।
परिवहन नेटवर्क
नाले के साथ-साथ एक गैर-मोटर चालित परिवहन नेटवर्क भी विकसित किया है। साइकिल किराए पर लेने की सुविधा भी प्रदान की है जिसका उपयोग गलियारे पर किया जा सकता है। हुब्बल्ली में साइकिल चलाने एवं पैदल चलने को बढ़ावा देने के लिए गैर मोटर चालित गलियारा विकसित करना भी स्मार्ट सिटी का हिस्सा है। गलियारे के विभिन्न जगहों पर साइकिल स्टेशन प्रदान किए हैं और उपयोगकर्ता इस उद्देश्य के लिए विकसित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से साइकल किराए पर ले सकते हैं।
झील का पुनर्विकास
इसी तरह टोलंकेरे झील का पुनर्विकास किया गया है। झील के चारों ओर पैदल मार्ग, साइकिल ट्रैक, पार्क, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, सजावटी रोशनी और स्मार्ट सड़कों जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। बेन्गेरी मार्केट में फल एवं सब्जी विक्रेताओं को जगह उपलब्ध कराई गई है। यहां सीसीटीवी कैमरे, शौचालय, सुरक्षा केबिन. डिस्प्ले बोर्ड जैसी सुविधाएं बाजार में स्थापित की गई हैं।
राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव
हुब्बल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी प्रकाश कोठारी कहते हैं, हुब्बल्ली-धारवाड़ स्मार्ट सिटी के काम में शुरुआत में जरूर तेजी दिखाई दी थी। पिछले कुछ समय से लोकसभा चुनाव के कारण लगी आचार संहिता के चलते भी काम रूक गया। हुब्बल्ली-धारवाड़ का विकास बहुत जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता के साथ काम होना चाहिए। लेकिन लगता है कि कहीं न कहीं राजनीतिज्ञों की इच्छा शक्ति का अभाव नजर आता है। इस वजह से काम में गति नहीं आ पा रही है। जिस तेजी से स्मार्ट सिटी के लिए विकास होना चाहिए वह कहीं नजर नहीं आ रहा है। औद्योगिक इकाइयों का विस्तार यहां किया जाना चाहिए। हुब्बल्ली लगभग सभी बड़े शहरों से सीधा जुड़ा हुआ है लेकिन यदि हुब्बल्ली एयरपोर्ट की बात की जाएं तो यहां से पहले मुम्बई, अहमदाबाद व जोधपुर के लिए विमान सेवा थीं। जो अब बन्द हो चुकी है।
Updated on:
07 Jun 2024 06:34 pm
Published on:
07 Jun 2024 06:34 pm
