
Pakistan Baloch Teacher Custodial Killing: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। यहां एक स्कूल टीचर को कथित तौर पर उसके परिवार के सामने से हिरासत में लिया गया। अगले ही दिन उसकी लाश मिलने की खबर सामने आई। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। मृतक की पहचान परवेज के रूप में हुई है। वह सरकारी हाई स्कूल में अरबी पढ़ाता था। इस मामले में पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
‘द बलूचिस्तान’ पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बलूचिस्तान के पासनी में परवेज का शव मिला। वह सरकारी हाई स्कूल बब्बर शोर में अरबी का शिक्षक था। वह केच जिले के पेदारक का रहने वाला था। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बल उसे उसके परिवार के सामने से ले गए थे। इसके बाद उसके ठिकाने की जानकारी परिवार को नहीं मिली। अगले दिन उसका शव बरामद हुआ। बाद में शव रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हिरासत और मौत से जुड़े आरोपों पर पाकिस्तानी अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
बलूचिस्तान में शिक्षकों की मौत और कथित जबरन गुमशुदगी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। अगस्त में ‘बलूच यकजेहती कमेटी’ (BYC) ने हाथिम बलूच की मौत की जानकारी दी थी। संगठन के मुताबिक, पंजगुर के इस शिक्षक को वाशबूड के मुख्य बाजार से कथित तौर पर अगवा किया गया था। इसके कुछ हफ्तों बाद उनका शव मिला।
जनवरी में अयाज बलूच समेत दो लोगों के शव अवारन जिले के बेरिथ में मिले थे। अयाज केच जिले के कोलवाह के रहने वाले थे। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2025 में पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में लिया था। शव मिलने के बाद परिवार ने हिरासत में हत्या का आरोप लगाया।
‘बलूच यकजेहती कमेटी’ की जनवरी से जून 2026 तक की मानवाधिकार रिपोर्ट में बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के 507 कथित मामले दर्ज किए गए। संगठन के अनुसार, इनमें 135 छात्र, शिक्षक और शोधकर्ता शामिल थे। रिपोर्ट में 32 लापता लोगों की कथित हिरासत में हत्या का भी आरोप लगाया गया।
इस दौरान शिक्षाविदों और लेखकों पर हमलों की खबरें भी सामने आईं। द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, ब्राहुई भाषा के लेखक और शोधकर्ता प्रोफेसर घमखवार हयात की 16 मई को नुश्की में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, बलूच शोधकर्ता बालाच खालिद की तुर्बत में हत्या कर दी गई। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब परवेज की मौत के मामले में भी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग अहम हो गई है।