
Black Sea Drone Attack: बुल्गारिया के तट से सिर्फ 24 किलोमीटर दूर ब्लैक सी में दो जहाजों पर ड्रोन से हमले हुए। हमलों के कारण एक जहाज डूब गया, जबकि माल्टा के झंडे तले चल रहे यूक्रेनी कार्गो जहाज चेल्सी 3 पर सवार सभी 15 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए इनकी निंदा की और ड्रोन के स्रोत का पता लगाने के लिए NATO और यूरोपीय संघ (EU) से सहयोग मांगा।
प्रधानमंत्री रुमेन रादेव के अनुसार, बुल्गारिया के तटीय शहर ब्याला से लगभग 18 नॉटिकल मील (24 किलोमीटर) पूर्व में एक जहाज से स्थानीय समयानुसार रात 1:30 बजे मदद के लिए डिस्ट्रेस कॉल आया। क्रू ने बताया कि तीन अज्ञात एरियल ड्रोन ने चेल्सी 3 को निशाना बनाया, जिसमें खास तौर पर जहाज के डेक और निचले हिस्से (हल) को टारगेट किया गया।
रादेव ने बताया कि यह जहाज ओडेसा में रजिस्टर्ड है और इसका मालिकाना हक यूक्रेन के पास है। जहाज पर सवार 15 लोगों में सात यूक्रेनी और आठ अजरबैजानी नागरिक शामिल थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर वर्ना बंदरगाह ले जाया गया, उनमें से पांच का अभी इलाज चल रहा है।
इस घटना के तुरंत बाद, बुल्गारिया की मंत्रिपरिषद के तहत काम करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक के दौरान दूसरे जहाज पर हमले की जानकारी भी सामने आई। यह जहाज क्रापेट्स तट से लगभग 17 नॉटिकल मील पूर्व में हमले का शिकार हुआ और डूब गया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस जहाज के एक क्रू सदस्य को बचा लिया गया है। जहाज के नाम, झंडे, कार्गो और अन्य क्रू सदस्यों की स्थिति के बारे में अभी सीमित जानकारी उपलब्ध है। दोनों घटनाओं में इस्तेमाल किए गए ड्रोन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच भी चल रही है।
रादेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बुल्गारिया की समुद्री सीमा के ठीक बाहर एक कमर्शियल जहाज पर हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि NATO और यूरोपीय संघ में बुल्गारिया के स्थायी प्रतिनिधियों को इस घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्होंने हमलों के लिए जिम्मेदार देश की पहचान करने के लिए जांच में मदद मांगी और हवाई व समुद्री निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया। रादेव ने कहा कि अब तक किसी खास पक्ष को जिम्मेदार ठहराने के लिए कोई स्पष्ट या ठोस सबूत नहीं मिला है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके आकलन के अनुसार, इन घटनाओं का नतीजा रूस के हित में है। ।