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ईरान की मदद कर रहे चीन और रूस? ट्रंप बोले- मुझे नहीं लगता, उनके पास खोने के लिए बहुत कुछ है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चीन और रूस द्वारा ईरान की मदद किए जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश ईरान की मदद कर भी रहे हैं, तो यह बहुत सीमित स्तर पर होगी। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि चीन और रूस ऐसा कर रहे हैं।
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भारत

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Anand Shekhar

•

Oct 13, 2026

Donald Trump on iran

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- वीडियो ग्रैब ANI/X)

Donald trump on Iran: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि चीन और रूस ईरान को रणनीतिक मदद दे रहे हैं। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजिंग और मॉस्को इस संघर्ष में ईरान का साथ देकर अपने वैश्विक हितों को खतरे में नहीं डालेंगे। उन्होंने साफ किया कि अगर ऐसी कोई मदद दी भी जा रही होती, तो अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ​​इसका बहुत जल्दी पता लगा लेतीं।

अगर कोई मदद मिल भी रही है, तो वह बहुत सीमित है - डोनाल्ड ट्रंप

ट्रुथ सोशल पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि कट्टर वामपंथी हलकों में लगातार बेबुनियाद दावे किए जा रहे हैं कि चीन और रूस इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की मदद के लिए सहयोग कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर वे किसी भी तरह से सहयोग कर भी रहे हैं, तो वह बहुत सीमित स्तर पर होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि व्यक्तिगत रूप से, उन्हें बिल्कुल यकीन नहीं है कि रूस या चीन इस समय किसी भी तरह से ईरान की मदद कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों महाशक्तियों के पास खोने के लिए बहुत कुछ गई। इसलिए, वे निश्चित रूप से इस संघर्ष में सीधे तौर पर उलझने का जोखिम नहीं उठायेंगे।

अगर कुछ भी होता है, तो अमेरिका को बहुत जल्दी पता चल जाएगा - डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को किसी तीसरे देश से मिलने वाली कोई भी गुप्त सैन्य या तकनीकी मदद अमेरिकी निगरानी प्रणालियों से छिपी नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई कदम उठाया जाता है, तो अमेरिका को इसकी जानकारी तुरंत और तेजी से मिल जाएगी।

ईरान समझौता चाहता है लेकिन उसे नहीं पता कि आगे कैसे बढ़ना है - डोनाल्ड ट्रंप

इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना कड़ा रुख दोहराया। नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव के लिए प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारी दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद ईरान वास्तव में वाशिंगटन के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा है कि उस दिशा में कैसे आगे बढ़ा जाए।

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर तेहरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने संकेत दिया कि समझौते का रास्ता तभी खुलेगा जब ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं और आक्रामक गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दे।