विदेश

‘खुद खरीद रहा रूसी तेल, चीन को धमकाने की हिम्मत नहीं, भारत पर टैरिफ क्यों?’, पूर्व डिप्लोमैट फैबियन का ट्रंप पर हमला

US-Russia Sanctions: पूर्व डिप्लोमैट केपी फैबियन ने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले पर ट्रंप को घेरा। उन्होंने भारत पर टैरिफ को खुद रूस से डीजल खरीदना चाहता है, लेकिन दूसरों पर टैरिफ क्यों लगा रहा है?
2 min read
• •
Oct 17, 2026
Donald Trump
डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

India-US Trade Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस नीति पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। इस बार पूर्व भारतीय डिप्लोमैट केपी फैबियन ने ट्रंप को घेरा है। उनका कहना है कि अमेरिका खुद रूस से डीजल खरीदने की कोशिश कर रहा है। फिर भारत पर टैरिफ लगाने का क्या मतलब है? फैबियन ने आरोप लगाया कि ट्रंप भारत पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में व्यापार समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने चीन के मामले में ट्रंप के रुख पर भी सवाल उठाए हैं।

रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका, फिर भारत पर टैरिफ क्यों?

केपी फैबियन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर खुद रूस से डीजल खरीदना चाहता है, तो उसे दूसरे देशों पर सवाल उठाने से पहले अपनी नीति देखनी चाहिए। भारत को रूस से तेल खरीदने के मामले में निशाना बनाना उचित नहीं है।

चीन पर नरमी और भारत पर सख्ती को लेकर सवाल

फैबियन ने ट्रंप की चीन नीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि रूस के तेल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है, जबकि भारत की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत बताई गई है। इसके बावजूद ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने यह मुद्दा उठाने से बच रहे हैं। फैबियन का कहना है कि ट्रंप चीन के साथ बड़े स्तर पर संबंध बनाए रखना चाहते हैं। इसी वजह से भारत और चीन के प्रति अमेरिकी रवैये में अंतर दिखाई देता है।

ग्राहम एक्ट में छूट और रूस से डीजल सप्लाई का मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट के तहत कुछ प्रावधानों में छूट दी है। इस कानून में रूस से व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान भी शामिल है। बता दें हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि रूस मॉस्को से अमेरिका को तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल देगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की सप्लाई की बात कही गई थी।

अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच यह कदम अहम माना जा रहा है। वहीं, फैबियन ने ट्रंप की नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि रूस से ऊर्जा खरीद, भारत पर टैरिफ और अमेरिका की व्यापार रणनीति को लेकर आगे क्या रुख सामने आता है।

Updated on:
17 Oct 2026 11:40 am
Published on:
17 Oct 2026 11:35 am