विदेश

ईरान का दावा – युद्ध के बाद से बढ़ा हथियारों का प्रोडक्शन

Iran-US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच ईरान के कार्यवाहक डिप्टी रक्षा मंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है।
2 min read
Aug 22, 2026
Iran army
ईरानी सेना (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने कई मौकों पर दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया है। इसी बीच ईरान के कार्यवाहक डिप्टी रक्षा मंत्री शारोख शहरम (Shahrokh Shahram) ने एक बड़ा बयान दिया है।

युद्ध के बाद से बढ़ा हथियारों का प्रोडक्शन

शहरम का कहना है कि अमेरिका ने देश की मिलिट्री सप्लाई चेन में कोई रुकावट नहीं डाली है। ट्रंप ने कई मौकों पर कहा है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से ईरान की मिलिट्री सप्लाई चेन में रुकावट आई है, लेकिन ईरान ने हर बार इसका खंडन किया है। शहरम ने यह भी कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में हथियारों के प्रोडक्शन में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।

दुश्मन की गलतफहमी

शहरम ने कहा, "दुश्मन को लगा था कि ईरान की डिफेंस मिनिस्ट्री से जुड़ी कुछ जगहों को निशाना बनाकर वो हमारी मिलिट्री सप्लाई चेन को रोक सकता है और मनचाहा नतीजा पा सकता है। लेकिन यह उसकी गलतफहमी थी। उसे यह नहीं पता था कि हमारी मिलिट्री इंडस्ट्री में पूरे देश की भागीदारी है। इस थोपे गए युद्ध ने ईरान की डिफेंस और मिलिट्री इंडस्ट्री में एक खास तरह का उत्साह पैदा किया है; पहले जहाँ प्रोडक्शन रेगुलर और एक जैसा होता था, वहीं अब इसमें ज़बरदस्त और कई गुना बढ़ोतरी हुई है।"

तेज़ी से मिसाइल साइट्स बना रहा है ईरान

हाल की में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ईरान तेज़ी से अपनी मिसाइल साइट्स और दूसरे अहम मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बना रहा है। इस युद्ध की वजह से ईरान को काफी नुकसान हुआ है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान के हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया है जिससे ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर किया जा सके। ईरान अभी तक हुए नुकसान की भरपाई करने में जुटा हुआ है।