
Israel Airstrike Hamas Commander Death:अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इजरायली सेना ने एक और बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि उसकी सेना ने गाजा में भीषण एयर स्ट्राइक की है। हमास के हेडक्वार्टर को उड़ा दिया गया है। जिसमें दो टॉप मोस्ट कमांडर की मौत हो गई। इजरायली सेना का कहना है कि यह ऑपरेशन हमास की सैन्य ताकत को कमजोर करने के लिए किया गया। क्योंकि वह अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहा।
IDF के मुताबिक, फारेस अल-मसरी को उत्तरी गाजा में मंगलवार को हुए हवाई हमले में मारा गया। वह हमास के हथियार बनाने वाले हेडक्वार्टर में एक सेक्शन का प्रमुख था। इजरायली सेना का दावा है कि अल-मसरी संगठन के लिए हथियार तैयार करने और उसकी सैन्य क्षमता दोबारा बढ़ाने में जुटा था। सेना ने इसे युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन भी बताया।
इजरायल ने यह भी दावा किया कि उसी दिन एयर स्ट्राइक में हमास की एलीट नुखबा फोर्स के सदस्य मोहम्मद अबू शाकियान की भी मौत हो गई। IDF के अनुसार, दोनों हमास ऑपरेटिव इजरायली सैनिकों और नागरिकों पर हमलों की योजना में शामिल थे। सेना का कहना है कि संभावित खतरे को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई की गई। हालांकि, हमास की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दूसरी तरफ अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के खिलाफ लगाया गया नेवल ब्लॉकेड पूरी तरह लागू है। 25 जुलाई तक 12 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया। दो जहाजों पर अमेरिकी सेना ने चढ़कर जांच की। वहीं, आदेश नहीं मानने वाले दो जहाजों को नष्ट किया गया। CENTCOM ने बताया कि अरब सागर में कोमोरोस के झंडे वाले टैंकर M/T चारमीनार की जांच पूरी कर ली गई है। जांच के बाद जहाज को आगे की यात्रा की अनुमति दे दी गई।
CENTCOM के मुताबिक, 24 जुलाई को ओमान की खाड़ी में मोजाम्बिक के झंडे वाले टैंकर M/T लावाइन ने कथित तौर पर कई बार नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज नहीं रुका। इसके बाद अमेरिकी सेना ने उसे नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना का दावा है कि अब वह जहाज ईरान की ओर नहीं जा रहा है। CENTCOM ने यह भी कहा कि उसकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क और किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार है। इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कॉमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।