
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (सोर्स: ANI)
EU-Iran Latest Update: अपने अधिकारियों पर नए मानवाधिकार प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने यूरोपीय यूनियन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उसके रुख को पाखंड करार दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल-ईस्ट में तनाव चरम पर है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच जंग छिड़ी हुई है। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार अटैक भी कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मानवाधिकारों की बात करने वाला EU खुद ईरानी नागरिकों के खिलाफ हुई सैन्य कार्रवाइयों पर चुप्पी साधे हुए है।
बकाई ने सवाल उठाया कि अगर यूरोपीय यूनियन वास्तव में मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है तो वह ईरानी लोगों पर हुए हमलों पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए ईरानी बच्चों के प्रति संवेदना तक व्यक्त नहीं की।
बता दें इससे पहले शुक्रवार को यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने X पर जानकारी दी कि EU ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के चलते ईरान के कुछ न्यायाधीशों और एक साइबर अधिकारी पर नए प्रतिबंध लगाए हैं।
कैलास के अनुसार, प्रतिबंधित न्यायाधीशों पर राजनीतिक असंतुष्टों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के कथित उत्पीड़न में भूमिका निभाने का आरोप है। वहीं, प्रतिबंधित साइबर अधिकारी पर ईरान में सूचना के दमन और ऑनलाइन निगरानी में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। बता दें ईरान और यूरोपीय यूनियन के बीच मानवाधिकार, प्रतिबंधों को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं।
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी सही समय नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
Updated on:
25 Jul 2026 07:30 pm
Published on:
25 Jul 2026 07:30 pm
