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रूस को डेढ़ करोड़ से ज्यादा तोप के गोले भेज चुका है उत्तर कोरिया, यूक्रेन युद्ध के बीच बना ली और घातक मिसाइल

किम जोंग उन रूस को और सैनिक भेजने की तैयारी में है। यूक्रेन युद्ध के बाद उत्तर कोरिया की मिसाइलें ज्यादा सटीक और घातक हो गईं हैं।
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Aug 24, 2026
kim jong un
नॉर्थ कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन। (फोटो- The Washington Post)

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद नॉर्थ कोरिया की मिसाइलें और भी खतरनाक हो गईं हैं। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की मिसाइलें अब पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो गई हैं।

खुफिया एजेंसी का यह भी दावा है कि ये मिसाइलें रूस में यूक्रेन के खिलाफ इस्तेमाल हो रही हैं। युद्ध के दौरान रूस की तकनीकी मदद के जरिए प्योंगयांग अपनी मिसाइलों को और बेहतर बना रहा है।

रूस को 1.5 करोड़ से ज्यादा तोप के गोले भेज चुका है उत्तर कोरिया

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने सांसद यू योंग-वोन के कार्यालय को दी गई जानकारी में कहा कि उत्तर कोरिया लगातार रूस को हथियार भेज रहा है। इसमें कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं। अनुमान है कि उत्तर कोरिया ने रूस को 1.5 करोड़ से ज्यादा तोप के गोले भेजे हैं।

ये आंकड़ा 152 मिलीमीटर के गोले के बराबर है। पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के आरोप को खारिज कर दिया था। जेलेंस्की ने कहा था कि उत्तर कोरिया और 50 हजार सैनिक रूस भेजने वाला है।

अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में उत्तर कोरिया

इस बीच, दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उत्तर कोरिया रूस को अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में है, लेकिन अभी कोई तुरंत तैनाती के संकेत नहीं मिले हैं।

उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग 2022 से गहरा हुआ है। 2023 से हथियार और गोला-बारूद भेजना शुरू हुआ। 2024 से सैनिक भी भेजे जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया, यूक्रेन और पश्चिमी देशों के आकलन यही बताते हैं।

रक्षा मंत्रालय ने एक और महत्वपूर्ण बात कही। उत्तर कोरिया कुछ बैलिस्टिक मिसाइल और मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम लगभग तैयार कर चुका है। ये सिस्टम दक्षिण कोरिया के साथ संभावित संघर्ष के लिए बनाए गए हैं।

ह्वासोंग-12 मिसाइल को तैनात करने की तैयारी

ह्वासोंग-12 मिसाइल भी तैनाती के लिए तैयार हो रही है। यह मिसाइल अमेरिकी क्षेत्र गुआम तक पहुंच सकती है। अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों की बात करें तो उनमें अमेरिका के मुख्य भूभाग तक पहुंचने की क्षमता है।

हालांकि, इनमें वारहेड के वापस आने वाली तकनीक अभी पूरी तरह साबित नहीं हुई है। क्योंकि सभी परीक्षण ऊंचे कोण पर किए गए हैं। दक्षिण कोरिया की रक्षा खुफिया एजेंसी का आकलन साफ है। उत्तर कोरिया न सिर्फ रूस को हथियार दे रहा है बल्कि खुद भी युद्ध के अनुभव से अपनी ताकत बढ़ा रहा है।

Updated on:
24 Aug 2026 09:16 am
Published on:
24 Aug 2026 09:16 am
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