23 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूक्रेन में युद्ध के बीच चुनाव कराने की मांग पर जेलेंस्की की खुली चेतावनी, कहा- बर्बाद हो जाएगा देश

Russia-Ukraine War: युद्ध के बीच चुनाव कराने की मांग पर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा- देश बर्बाद हो जाएगा।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Aug 23, 2026

Trump Zelensky peace proposals

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की। (फोटो: X Handle Lev.)

युक्रेन में युद्ध के दौरान चुनाव कराने की मांग उठते ही राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की ने साफ चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस समय चुनाव हुए तो देश टुकड़ों में बंट जाएगा और बर्बाद हो जाएगा।

यह बयान रविवार को सामने आया। जेलेंस्की ने कहा- अगर हम देश को तबाह करना चाहते हैं तो युद्ध के बीच चुनाव की तरफ बढ़ सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अभी चुनाव राज्य के लिए सुनामी जैसा होगा जो यूक्रेन को बांट देगा।

पूर्व रक्षा मंत्री ने की थी चुनाव कराने की मांग

बता दें कि पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने हफ्ते भर पहले युद्ध के बीच चुनाव कराने की बात कही थी। इस पर जेलेंस्की की यह पहली प्रतिक्रिया है। फेदोरोव ने युद्धकालीन चुनाव की मांग की थी।

जेलेंस्की ने उन्हें पिछले महीने रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया था। उनकी बर्खास्तगी पर कुछ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे, लेकिन जब उन्होंने चुनाव की बात कही तो उनके समर्थक भी पीछे हट गए।

कानून में युद्ध के दौरान चुनाव कराने की इजाजत नहीं

यूक्रेन के कानून में युद्ध के दौरान चुनाव की इजाजत नहीं है। इसका तर्क यह है कि इस दौरान सुरक्षा की बड़ी समस्या होती है। लाखों यूक्रेनी विदेश में हैं, कुछ रूसी कब्जे वाले इलाकों में फंसे हैं और कई मोर्चे पर लड़ रहे हैं। ऐसे में वोटिंग कराना लगभग नामुमकिन है।

एक अगस्त के सर्वे में कीव इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी ने पाया कि 57 प्रतिशत यूक्रेनी युद्ध खत्म होने के बाद ही चुनाव चाहते हैं। जेलेंस्की की लोकप्रियता करीब 60 प्रतिशत पर स्थिर है। लोग नए चेहरे तो चाहते हैं लेकिन अभी वोट देने का मन नहीं है।

सुरक्षा की गारंटी की बात

जेलेंस्की ने कहा कि अगर सहयोगी देश सुरक्षा की पूरी गारंटी दें तो शायद सोचा जा सकता है। लेकिन अभी तक किसी ने ऐसा प्लान नहीं दिया। उनका फोकस युद्ध खत्म करने और देश की आजादी बचाने पर है।

फेदोरोव जेलेंस्की के पुराने सहयोगी रहे हैं और उन्हें राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जाता है। उन्होंने अभी तक साफ नहीं कहा कि भविष्य के किसी चुनाव में वे खड़े होंगे या नहीं।