
रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव (Photo- IANS)
Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच रूस ने संकेत दिया है कि वह शांति समझौते के लिए सामने आने वाले नए प्रस्तावों और विचारों पर चर्चा करने को तैयार है। हालांकि, मॉस्को ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रस्ताव में युद्ध के बाद बनी जमीनी हकीकत को ध्यान में रखना होगा। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।
रयाबकोव ने कहा कि अमेरिका रूस के साथ बातचीत करने और उसके पक्ष को समझने के लिए तैयार दिख रहा है। लेकिन अब यह देखना जरूरी है कि अमेरिका यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों के फैसलों पर कितना असर डाल सकता है। रूस का कहना है कि यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अभी भी रूस को रणनीतिक रूप से हराने की कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में ईरान से जारी जंग के चलते यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए रूस और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता काफी धीमी पड़ गई है। इसको लेकर क्रेमलिन ने बीते गुरुवार को कहा था कि उसे अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की मॉस्को की संभावित अगली यात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधि इससे पहले रूस के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले महीने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मनीला में बैठक के बाद कहा था कि अमेरिका युद्ध को समाप्त कराने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि तत्काल समझौते की संभावना नहीं है। वॉशिंगटन दोनों पक्षों के बीच 'बीच का रास्ता' तलाश रहा है।
रयाबकोव ने कहा कि रूस अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नए सुझावों और प्रस्तावों को सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, रूस उन्हीं प्रस्तावों पर विचार करेगा जो उसके राष्ट्रपति के तय लक्ष्यों और मौजूदा हालात के मुताबिक हों।
रयाबकोव ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत जारी रखने की रूस की इच्छा भी जाहिर की। न्यू स्टार्ट परमाणु संधि फरवरी में समाप्त हो चुकी है। इसके बाद पांच दशक से अधिक समय में पहली बार रूस और अमेरिका के रणनीतिक परमाणु हथियारों पर कोई बाध्यकारी सीमा नहीं है।
मॉस्को ने कहा है कि वह संधि में निर्धारित मिसाइलों और परमाणु हथियारों की सीमाओं का पालन तब तक करता रहेगा, जब तक अमेरिका भी ऐसा करता है। रयाबकोव ने कहा कि रूस भविष्य में इस क्षेत्र को स्थिर करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते तलाशने को तैयार है।
Updated on:
22 Aug 2026 08:45 am
Published on:
22 Aug 2026 08:45 am
