
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की। (फोटो: X Handle Lev.)
युद्ध के बीच यूक्रेन में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मंगलवार को युद्धकालीन चुनाव कराने की मांग की। संविधान में इसकी इजाजत नहीं है, फिर भी उन्होंने यह कदम उठाया।
यह यूक्रेन के किसी बड़े नेता का पहला ऐसा बयान है। फेडोरोव जुलाई में मंत्री पद से हटाए गए थे। इसके बाद कीव और दूसरे शहरों में हफ्तों तक उनके समर्थन में प्रदर्शन हुए। लोग सड़कों पर उतरे और उनकी वापसी की मांग की। अब प्रदर्शन शांत हो गए हैं, लेकिन सियासी तनाव बना हुआ है।
एक करीबी सूत्र ने बताया कि फेडोरोव अब अमेरिका जा रहे हैं। वहां वह नए रक्षा तकनीक प्रोजेक्ट्स के लिए पैसा जुटाएंगे। पहले मीडिया में यह खबर आई थी कि वह चुनाव की मांग के लिए राजनीतिक समर्थन लेने जा रहे हैं।
सूत्र ने इसे साफ खारिज किया। उन्होंने कहा कि फेडोरोव अमेरिकी नेताओं या अधिकारियों से नहीं मिलेंगे। उनका फोकस युद्ध से जुड़े प्रोजेक्ट्स और यूक्रेनी स्टार्टअप्स पर है।
उनकी एक और योजना निवेश फंड बनाने की भी है। फेडोरोव टेक्नोलॉजी के बड़े समर्थक माने जाते हैं। 2022 में रूस के हमले के बाद उन्होंने ड्रोन और नई सैन्य तकनीकों पर जोर दिया।
फेडोरोव के अमेरिका की कंपनियों से अच्छे संबंध हैं। स्पेसएक्स और पलांटिर जैसी कंपनियां इनमें शामिल हैं। युद्ध शुरू होते ही उन्होंने एलन मस्क से सीधे अपील की थी। इसके बाद यूक्रेन में स्टारलिंक सेवा चालू हुई।
आज हजारों स्टारलिंक टर्मिनल यूक्रेनी सेना की कम्युनिकेशन और ड्रोन संचालन के लिए जरूरी हो गए हैं। सूत्र के मुताबिक, फेडोरोव मस्क से स्टारलिंक को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं। फिलहाल दोनों की कोई मुलाकात तय नहीं है।
फेडोरोव की यह यात्रा सिर्फ फंड जुटाने तक सीमित नहीं लगती। युद्ध के बीच चुनाव की मांग ने राजनीतिक हालात को बदल दिया है। कई लोग इसे जेलेंस्की सरकार के लिए चुनौती मान रहे हैं।
सूत्र ने कहा कि फेडोरोव कई प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इनमें युद्ध संबंधी तकनीक और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना शामिल है। अमेरिका में निवेशकों से बातचीत कर वह इन योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे।
यूक्रेन में युद्ध जारी है और सियासी हलचल भी बढ़ रही है। फेडोरोव की अमेरिका यात्रा और चुनाव वाली मांग दोनों ही आने वाले दिनों में चर्चा का विषय बने रहेंगे।
Updated on:
21 Aug 2026 04:49 pm
Published on:
21 Aug 2026 04:12 pm
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