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Iran-Israel War: कैसे रुकेगी ईरान-इजरायल के बीच जारी जंग? पेजेश्कियन ने युद्ध खत्म करने के लिए दोहराई शर्तें

Iran-Israel War : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि खाड़ी देशों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए साथ आना होगा। उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए शर्तें भी बताई है। पढ़ें पूरी खबर...
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Mar 22, 2026
Iranian President Masoud Pezeshkian
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन। फोटो:

Iran-Israel War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने जंग रोकने के लिए अपनी शर्तें फिर से दोहराई हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बिना किसी विदेशी दखल के शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों को साथ आना चाहिए। उन्होंने एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा।

पेजेश्कियन ने युद्ध खत्म करने की शर्तें दोहराईं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पश्चिम एशिया में बिना किसी विदेशी दखल के शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के देशों को मिलाकर एक सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही उन्होंने चल रहे युद्ध को खत्म करने की शर्तें दोहराईं।

ईरानी राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी से बात

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के हवाले से न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक फोन कॉल में यह बात कही, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के साथ-साथ ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुए नए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। रिपोर्ट में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की पहली शर्त अमेरिका और इजरायल के हमलों को तुरंत रोकना और यह गारंटी देना है कि भविष्य में ऐसे हमले दोबारा नहीं होंगे।

युद्ध का मकसद ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना

पेजेश्कियन ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, बड़े सैन्य कमांडरों और आम लोगों की हत्या करने और देश के पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए अमेरिका और इजरायल की कड़ी निंदा की। बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध का मकसद देश को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना है। हालांकि, पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज कर और इस बात पर जोर दिया कि ईरान के पूर्व नेता परमाणु हथियार बनाने के सख्त खिलाफ थे और उन्होंने इस तरह की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए जरूरी आदेश जारी किए थे।

वहीं इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर "गहरी चिंता" जताई, इलाके के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले की कड़ी निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और खाड़ी में नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने की अपील की।
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई दूसरे शहरों पर मिलकर हमले किए, जिसमें अली खामेनेई के साथ-साथ वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर और आम लोग मारे गए। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, जिनसे इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस और संपत्तियों को निशाना बनाया गया।

Updated on:
22 Mar 2026 09:58 am
Published on:
22 Mar 2026 09:58 am