
Pakistan School Accident: पाकिस्तान के पेशावर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 27 मासूम बच्चों और एक महिला टीचर की मौत हो गई है। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। इस दर्दनाक हादसे में 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सबसे दुखद बात यह है कि जान गंवाने वाले सभी बच्चे 13 साल या उससे कम उम्र के थे। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में स्कूलों और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के स्पोक्सपर्सन मुहम्मद आसिम ने मौतों की पुष्टि की और कहा कि हॉस्पिटल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि घायलों का मेडिकल इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। सभी बच्चे 13 साल और उससे कम उम्र के थे।
ताजा जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मलबे में दबे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू ‘1122’ की एम्बुलेंस टीम ने घायल बच्चों को अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार दिया।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल पर अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर बताई गई है।
बता दें ऐसा पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान में इमारतों और छतों के गिरने की घटनाएं सामने आईं हों। इन हादसों के पीछे कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण में खराब सामग्री के इस्तेमाल को बड़ी वजह माना जाता है। इससे पहले अगस्त में इस्लामाबाद में लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद एक घर की छत गिर गई थी। इस हादसे में एक दंपति की मौत हो गई थी, जबकि उनकी बेटियां घायल हो गई थीं।
वहीं, जून में लाहौर के कहाना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान चली गई थी। इससे पहले पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान में एक निजी स्कूल की कक्षा की छत गिरने से चार बच्चों की मौत हुई थी और 20 लोग घायल हो गए थे। वहीं जून में ही गुजरात जिले (पाकिस्तान) के खवासपुर इलाके में निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे।