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‘पाकिस्तान यहाँ के लोगों का है, सेना का नहीं’, खैबर पख्तूनख्वा में राज्यपाल शासन लागू होने पर इमरान खान के बेटे कासिम ने साधा निशाना

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के बेटे कासिम ने कहा है कि पाकिस्तान इसके लोगों का है, सेना का नहीं। क्या है इस बयान की वजह? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Oct 12, 2026

Imran Khan and son Kasim Khan

इमरान खान और उनके बेटे कासिम खान (File Photo)

पाकिस्तान (Pakistan) सरकार ने खैबर पख्तूनखा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में स्टेट और इमरजेंसी लागू करके राज्यपाल शासन लगा दिया है। इससे पहले प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी (Sohail Afridi) थे, जो पूर्व पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता था। खैबर पख्तूनख्वा में इस बड़े प्रशासनिक फैसले के बाद अफरीदी समेत इमरान के कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे मामले पर अब इमरान के बेटे कासिम खान (Kasim Khan) का बयान सामने आ गया है।

''पाकिस्तान यहाँ के लोगों का है, सेना का नहीं''

कासिम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "अब जब पाकिस्तानी लोग मेरे पिता की रिहाई के लिए सड़कों पर उतर आए हैं, तो आसिम मुनीर की सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा (जो मेरे पिता का राजनीतिक गढ़ है) में इमरजेंसी लागू कर दी है। बलूचिस्तान या आज़ाद कश्मीर में हालात संभालने में नाकाम रहने के बाद मुनीर एक बार फिर पश्तून इलाकों में एक और मिलिट्री ऑपरेशन को सही ठहराने के लिए आतंकवाद का बहाना बना रहे हैं। सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में वह फिर से लोगों की जान दांव पर लगा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के लोकतांत्रिक जनादेश को बहाल किया जाना चाहिए। मेरे पिता, हमारे हिरासत में लिए गए परिवार के सदस्य, पीटीआई के प्रतिनिधि और सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने के लोगों के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। पाकिस्तान यहाँ के लोगों का है, सेना का नहीं।"

प्रांतीय सरकार की शक्तियाँ छीन ली गईं

पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) की फेडरल कैबिनेट की सिफारिशों को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी (Asif Ali Zardari) की मंज़ूरी मिलने के बाद पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 232 और 234 के तहत खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू की गई। इससे पीटीआई की प्रांतीय सरकार की शक्तियाँ छीन ली गईं और नियंत्रण फेडरल अथॉरिटी के हाथ में आ गया।

प्रांतीय सरकार पर लगाया जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप

शहबाज़ सरकार ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। शहबाज़ सरकार ने प्रांत में तेज़ी से बिगड़ते सुरक्षा हालात और 3 अक्टूबर को सरकारी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत के पूरी तरह विफल होने का हवाला दिया।

कौन संभालेगा खैबर पख्तूनख्वा का शासन?

शहबाज़ सरकार के आदेश के तहत अब राज्यपाल फैसल करीम कुंडी (Faisal Karim Kundi) खैबर पख्तूनख्वा का शासन संभालेंगे। पाकिस्तानी सरकार ने मुहम्मद फख्र आलम इरफ़ान (Muhammad Fakhr Alam Irfan) को प्रांत का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है और वरिष्ठ अधिकारी मुहम्मद याह्या अखुनज़ादा (Muhammad Yahya Akhunzada) को कामकाज की देखरेख के लिए वहाँ भेजा है।