
Safest Country in the World 2025: दुनिया की सैर करने के शौकीन पर्यटकों के लिए एक नई जानकारी है। दुनिया का सबसे सुरक्षित देश 2025 (Safest Country in the World 2025)तक यूरोपीय देश अंडोरा(Andorra) होगा। हाल ही में प्रकाशित न्यूमबेओ सेफ्टी इंडेक्स (Numbeo Safety Index 2025)के आंकड़ों में यह बात बताई गई है। यह छोटे से देश ने सुरक्षा के मामले में अन्य प्रमुख देशों को पीछे छोड़ दिया है। दिलचस्प बात यह है कि भारत को सुरक्षा के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और यूनाइटेड किंगडम (UK) जैसे देशों से भी ऊपर स्थान मिला है, जिनको आमतौर पर स्थिर और सुरक्षित राष्ट्र माना जाता है। इनमें भारत, सुरक्षा की दृष्टि से 147वें स्थान पर है। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका (89वें स्थान पर) और यूनाइटेड किंगडम (87वें स्थान पर) सुरक्षा के मामले में भारत से पीछे हैं। भारत का स्कोर 55.7 है, जबकि ब्रिटेन का स्कोर 51.7 और अमेरिका का 50.8 है। वहीं दक्षिण एशियाई देशों में, चीन (15वें स्थान पर, स्कोर: 76.0), श्रीलंका (59वें स्थान पर), पाकिस्तान (65वें स्थान पर), और बांगलादेश (126वें स्थान पर) भी सुरक्षा के मामले में भारत से नीचे हैं।
अंडोरा (सुरक्षा स्कोर: 84.7)
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) (सुरक्षा स्कोर: 84.5)
कतर (सुरक्षा स्कोर: 84.2)
ताइवान (सुरक्षा स्कोर: 82.9)
ओमान (सुरक्षा स्कोर: 81.7)
आइल ऑफ मैन (सुरक्षा स्कोर: 79.0)
हांगकांग (सुरक्षा स्कोर: 78.5)
आर्मेनिया (सुरक्षा स्कोर: 77.9)
सिंगापुर (सुरक्षा स्कोर: 77.4)
जापान (सुरक्षा स्कोर: 77.1)
इन देशों में सुरक्षा की स्थिति बहुत मजबूत है और उनका अपराध दर न्यूनतम है।
2025 तक, सुरक्षा के मामले में वेनेजुएला सबसे निचले स्थान पर रहेगा, जिसका सुरक्षा स्कोर सिर्फ 19.3 है। इसके अलावा पापुआ न्यू गिनी, हैती, और अफ़गानिस्तान जैसे देश भी सुरक्षा के मामले में शीर्ष 10 सबसे कम सुरक्षित देशों में शामिल हैं।
वेनेजुएला (सुरक्षा स्कोर: 19.3)
पापुआ न्यू गिनी (सुरक्षा स्कोर: 19.7)
हैती (सुरक्षा स्कोर: 21.1)
अफ़गानिस्तान (सुरक्षा स्कोर: 24.9)
दक्षिण अफ्रीका (सुरक्षा स्कोर: 25.3)
होंडुरास (सुरक्षा स्कोर: 28.0)
त्रिनिदाद और टोबैगो (सुरक्षा स्कोर: 29.1)
सीरिया (सुरक्षा स्कोर: 31.9)
जमैका (सुरक्षा स्कोर: 32.6)
पेरू (सुरक्षा स्कोर: 32.9)
बहरहाल यह न्यूमबेओ सुरक्षा सूचकांक विभिन्न देशों के अपराध दर, सार्वजनिक सुरक्षा की धारणा, सामुदायिक पुलिसिंग और व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में विभिन्न मानकों का उपयोग करके देशों की सुरक्षा रैंकिंग निर्धारित करता है। इसमें उपयोगकर्ता की ओर से प्रदान किए गए डेटा और सरकारी आंकड़ों का उपयोग किया जाता है।