
Violent protests in France: फ्रांस में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यूरोप के भविष्य को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि फ्रांस और पूरे महाद्वीप को पूरी तरह से पतन का सामना करना पड़ेगा, जब तक कि वे तुरंत अपनी सीमाएं बंद न करें और उन प्रवासियों को निर्वासित न करें।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फ्रांस में अशांति का मुख्य कारण आप्रवासन है। उन्होंने इस तथ्य को खारिज कर दिया कि यह आंदोलन शिक्षा या घरेलू नीति के मुद्दों से जुड़ा है। ट्रंप ने कहा कि फ्रांस में जो हो रहा है, वह बहुत दुखद स्थिति है, क्योंकि फ्रांस में जो हो रहा है वह आप्रवासन से जुड़ा है, न कि स्कूलों से या किसी और चीज से। यह आप्रवासन है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मैंने राष्ट्रपति मैक्रों से कहा था, अपनी सीमाएं बंद करो। मैं उन्हें पहली बार मिला था, जो मेरे पहले कार्यकाल में सालों पहले की बात है। तब उनसे कहा था कि सीमाएं बंद करो, वरना तुम्हें सिर्फ परेशानी होगी। और आज उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने देश में ऐसे लोगों को आने दिया जो अपने देश से प्यार नहीं करते, अपनी इमारतों से प्यार नहीं करते, अपनी कला से प्यार नहीं करते हैं।
ट्रंप बोले कि इमैनुएल से कहा था, 'देखो, तुम मेरे दोस्त हो। मैंने बहुत पहले कहा था कि तुम फ्रांस में बड़ी गलती कर रहे हो। तुम पूरी दुनिया से लोगों को आने दे रहे हो। पूरी दुनिया आ रही है। और जैसा कि तुम जानते हो, पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बनने वाला है। और यह डील नहीं थी।'
जब यूरोप के भविष्य के बारे में सीधे पूछा गया, तो ट्रंप ने चेतावनी दी कि यूरोपीय देशों को अपनी संप्रभुता बचाने के लिए हिंसक प्रदर्शनकारियों और अपराधियों का सामूहिक निर्वासन करना होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर यूरोप अपनी सीमाएं बंद नहीं करता और अपराधियों को बाहर नहीं निकालता, जैसे कि वे लोग जो विरोध करते हैं, तो यूरोप खत्म हो जाएगा। यूरोप को अपनी सीमाएं बंद करनी होंगी, जैसा कि मैं उन्हें 10 साल से बता रहा हूं। फ्रांस, इटली और अन्य यूरोपीय देशों में अशांति का हवाला देते हुए ट्रंप ने दोहराया कि हिंसा के लिए आप्रवासन जिम्मेदार है।