
Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उसने इस जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया था। ईरानी नौसेना कमांडर के दावे का जवाब देते हुए CENTCOM ने कहा कि IRGC के पास कोई नौसेना नहीं है और अमेरिकी सेना अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को नियंत्रित करती है।
विवाद तब शुरू हुआ जब IRGC के नौसेना कमांडर ने एक बयान जारी कर दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है और इसके करीब आने की कोशिश करने वाले किसी भी अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को डुबो दिया जाएगा।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरानी कमांडर के दावे का खंडन किया। ईरानी कमांडर के दावे को गलत बताते हुए CENTCOM ने लिखा, "IRGC के नौसेना कमांडर के पास कोई नौसेना नहीं है। अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय सहयोगी स्पष्ट रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करते हैं।" अपने बयान में अमेरिकी कमांड ने तेल शिपमेंट के आंकड़ों का हवाला दिया, जिसके अनुसार खाड़ी देशों ने अमेरिकी सैन्य निगरानी और मदद से सोमवार को इस समुद्री मार्ग से 19 मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल का शिपमेंट किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, इस वजह से ये ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए बहुत अहम माना जाता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे बड़े तेल और गैस उत्पादक देश अपने एक्सपोर्ट के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं।
अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण ईरान के पास मिसाइलों, ड्रोन और तेज हमला करने वाली नावों का इस्तेमाल करके इस रास्ते में रुकावट डालने की क्षमता है। इसलिए, अमेरिका ने इस इलाके में लगातार अपनी नौसेना की मौजूदगी बनाए रखी है।
CENTCOM के दावों के बावजूद स्वतंत्र शिपिंग डेटा से पता चलता है कि हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों की संख्या में कमी आई है। 8 अक्टूबर की रॉयटर्स की रिपोर्ट में केपलेर के डेटा का हवाला देते हुए बताया गया है कि इस जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का परिवहन घटकर लगभग 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है, जो युद्ध पूर्व के स्तर का लगभग 74 प्रतिशत है।