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क्या है अमेरिका का ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’? जिससे ईरान पर हमला कर सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप!

US Mother of All Bombs: क्या अमेरिका अब ईरान के खिलाफ अपने सबसे ताकतवर नॉन-न्यूक्लियर बम का इस्तेमाल करने वाला है? US मिलिट्री सिर्फ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हुक्म का इंतजार कर रही है…
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Oct 15, 2026
TRUMP NEW PLAN IRAN WAR
अमेरिका का ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनेई (फोटो सोर्स- @/Global Brief ANI और फाइल फोटो)

America-Iran War Update: दुनिया की नजरें एक बार फिर अमेरिका और ईरान पर टिक गई है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, यह युद्ध खत्म होने के नाम नहीं ले रहा। कई बार शांति वार्ता होने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अब भी बरकरार है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध में ऐसा हथियार इस्तेमाल करने का फैसला कर सकते हैं, जो अपने जबरदस्त धमाके से बड़े इलाके को तबाह कर सकता है? और युद्ध का परिणाम बदल सकता है!

हथियार का नाम है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’

इस हथियार का नाम है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ यानी MOAB। अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए इसके इस्तेमाल पर भी विचार किया है। हालांकि, अभी तक इसे इस्तेमाल करने की मंजूरी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’?

बता दें अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु बमों (नॉन-न्यूक्लियर बम) में शामिल MOAB का पूरा नाम GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट है। इसका वजन करीब 9.8 टन है। इसे बड़े इलाके में भीषण विस्फोट करने के लिए तैयार किया गया है। यह जमीन से टकराने से पहले हवा में विस्फोट करता है। इससे आसपास के क्षेत्र में तेज दबाव की लहर फैलती है और भारी तबाही होती है।

यह बम खासतौर पर जमीन के ऊपर मौजूद सैन्य ठिकानों, सैनिकों और उपकरणों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल केवल शारीरिक नुकसान तक सीमित नहीं है। इसके जबरदस्त धमाके का मकसद दुश्मन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना भी हो सकता है।

क्या ट्रंप ईरान पर इसका इस्तेमाल करेंगे?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ईरान के खिलाफ नए हमलों की योजनाओं में MOAB को शामिल किया है। इन योजनाओं में ईरान के ऊर्जा ढांचे और कुछ संदिग्ध परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने का विकल्प भी शामिल है। रिपोर्ट में पिकैक्स माउंटेन स्थित एक संदिग्ध परमाणु स्थल का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, सैन्य योजना तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि हमले का आदेश दे दिया गया है। व्हाइट हाउस ने संवेदनशील सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी करने से परहेज किया है। पेंटागन का कहना है कि वह राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुसार अलग-अलग सैन्य परिस्थितियों के लिए तैयारी करता है।

ईरान के परमाणु ठिकानों पर कितना असरदार होगा यह बम?

MOAB का धमाका बेहद शक्तिशाली है। इस बम का इस्तेमाल आबादी के करीब किया गया, तो आम नागरिकों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता है। फिलहाल ईरान के खिलाफ MOAB के इस्तेमाल का कोई पुष्ट आदेश सामने नहीं आया है। हां कई रिपोर्ट्स में जरूर दावा किया जा रहा है, ट्रंप MOAB के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं।