मोबाइल पर आए मैसेज -जो व्रत रखेगा उसके घर में होगी मौत

डरे लोग, महिलाओं ने घबराकर व्रत तोड़ा

By: deepak deewan

Published: 14 Sep 2021, 08:46 AM IST

अशोकनगर. गणेश चतुर्थी के साथ ही व्रत—उपवास—त्यौहारों का क्रम प्रारंभ हो गया है. चतुर्थी के बाद ऋषि पंचमी Rishi Panchami Vrat संतान सप्तमी Santana Saptami Vrat जैसे व्रत आए और अब राधा अष्टमी Radha Ashtami, महालक्ष्मी Mahalaxmi जैसे पर्व मनाए जा रहे हैं. इनमें संतान सप्तमी सबसे प्रमुख व्रत है. महिलाएं संतान प्राप्ति या संतान के सुख के लिए यह व्रत रखती हैं. अशोकनगर जिले में इस अहम व्रत को लेकर जिलेभर में एक अफवाह फैल गई.

अफवाह के चलते जिले में संतान सप्तमी का पर्व नहीं मन सका. अफवाह का इतना असर हुआ कि संतान सप्तमी व्रत का उत्साह ही ठंडा पड गया. 50 फीसदी महिलाओं ने तो व्रत ही तोड़ डाला. सोमवार को संतानसप्तमी का पर्व था और महिलाओं ने सुबह से व्रत भी शुरु कर दिया लेकिन दोपहर बाद अचानक एक अफवाह क्या फैली अधिकांश महिलाओं ने बीच में ही व्रत तोड़ दिया।

इससे ज्यादातर घरों में संतान सप्तमी Santana Saptami Vrat का पर्व नहीं मन सका। जब विद्वान ब्राह्मणों, पंडितों, पुजारियों को इस की अफवाह और व्रत तोड़ने की जानकारी मिली तो उन्होंने मोहल्लों में पहुंचकर महिलाओं को समझाइश देना शुरु कर दिया. तब जाकर शेष महिलाओं ने शाम तक व्रत किया। बताते हैं कि जिलेभर में अफवाह फैलाई गई कि संतान सप्तमी व्रत करने वाले के घर में किसी की मौत हो जाएगी.

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मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ मिनिटों में ही यह अफवाह घर—घर में फैल गई। इससे व्रत Santana Saptami Vrat रखनेवाली महिलाएं घबराए उठीं. कई महिलाओं ने डरकर बीच में ही व्रत खत्म कर दिया। एक अनुमान के मुताबिक करीब 50 फीसदी महिलाओं ने डर की वजह से पूजा-पाठ तक नहीं की। पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित किशनलाल मिश्र ने बताया कि जब उन्हें अफवाह फैलने की जानकारी मिली तो वे मोहल्लों में पहुंचे और महिलाओं को बताया कि यह गलत अफवाह है.

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इसके साथ ही कई महिलाओं को एकत्रित कर उनसे पूजा-पाठ भी कराई। मिश्र के मुताबिक करीब 50 फीसदी महिलाओं ने व्रत बीच में खत्म कर दिया। मिश्र ने कहा कि इस तरह की अफवाहें संस्कृति व धर्म के खिलाफ हैं, जिसने भी यह अफवाह फैलाई वह धर्मविरोधी है। संतान सप्तमी पर भगवान शिव-पार्वती की पूजा होती है, जो खुद अनिष्टों को रोकने वाले हैं। व्रत या पूजा-पाठ से रोकने संबंधी पहली बार ऐसी अफवाह फैली है। लोगों ने अफवाहें फैलाने वालों पर कार्रवाई की भी मांग की।

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