India के खिलाफ China ने लिया आतंकी समूह का सहारा! Myanmar के 'अराकान सेना' को दे रहा हथियार

HIGHLIGHTS

  • भारत ( India ) में अशांति फैलाने के लिए चीन ( China ) म्यांमार के आतंकी संगठनों ( Terror Groups ) को पैसे और आत्याधुनिक हथियार की आपूर्ति कर रहा है।
  • एक रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के द्वारा नयपिटाव आतंकवादी समूह 'Arakan Army' की मदद की जा रही है।
  • अराकान सेना के पास करीब 50 MANPADS ( Man-portable air defense system ) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी हैं।

By: Anil Kumar

Updated: 02 Jul 2020, 09:28 PM IST

नई दिल्ली। भारत-चीन ( India China Tension ) के बीच लद्दाख सीमा ( Ladakh Border ) के गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हुई हिंसक झड़प के बाद संकट गहराता जा रहा है। दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ रहा है। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से बुरी तरह शिकस्त खाने के बाद बौखलाया चीन ( China ) अब भारत में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान ( Pakistan ) के नक्शे कदम पर चलते हुए आतंकियों का सहारा ले रहा है।

इस बात का खुलासा स्थानीय लाइसस समाचार की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अशांति फैलाने के लिए चीन म्यांमार ( Myanmar ) के आतंकी संगठनों ( Terror Groups ) को पैसे और आत्याधुनिक हथियार की आपूर्ति कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के द्वारा नयपिटाव आतंकवादी समूह 'Arakan Army' की मदद की जा रही है।

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दक्षिण-पूर्व एशिया की जानकारी रखने वाले एक सैन्य अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया है कि अराकन सेना के खर्चे का लगभग 95 फीसदी हिस्सा चीन दे रहा है। इतना ही नहीं, अराकान सेना के पास करीब 50 MANPADS ( Man-portable air defense system ) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को घेरने के लिए चीन ने अरकान सेना को समर्थन देने की रणनीति अपनाई है। इससे चीन को पश्चिमी म्यांमार यानी भारत-म्यांमार सीमा ( Indo-Myanmar border ) की ओर अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने में काफी मदद मिलेगी।

म्यांमार को भारत का दुश्मन बनाना चाहता है चीन

बता दें कि चीन एक रणनीति के तहत भारत के बढ़ते प्रभाव को रोकना चाहता है। इस संबंध में एक ऑस्ट्रेलियाई विद्वान ने बताया कि चूंकि भारत तेजी के साथ दक्षिण एशिया में अपना वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चीन भारत को कमजोर करना चाहता है। भारत-पाकिस्तान के संबंध ( India-Pakistan relations ) पहले से ही खराब है। लिहाजा अब चीन म्यांमार को भारत को नया दुश्मन बनाना चाहता है।

म्यांमार के विकास में भारत ने काफी निवेश किया है। लेकिन चीन नहीं चाहता है कि म्यांमार में भारत का प्रभाव बढ़े। म्यांमार में भारत के निर्माण के खिलाफ अराकान सेना का चीन का समर्थन स्पष्ट रूप से काफी प्रभावी रहा है। जून 2017 में भारत के सी एंड सी कंस्ट्रक्शन ( C&C Construction ) को 220 मीलियन डॉलर के सड़क निर्माण का ठेका मिला था। लेकिन म्यांमार सरकार ने जनवरी 2018 तक मंजूरी में देरी कर दी।

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अब जब निर्माण कार्य चल रहा था, तो इसे रोकने के लिए अराकन सेना ने भारतीय नागरिकों, अग्निशामकों सहित चालक दल, म्यांमार के संसद सदस्य का अपहरण कर लिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने हाल ही में अराकान सेना को भारी हथियार मुहैया कराया है। इसमें 500 असॉल्ट राइफल, 30 यूनिवर्सल मशीन गन, 70,000 गोला-बारूद शामिल है।

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