15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

DMZ: उत्तर और दक्षिण कोरिया सीमा का अनोखा इलाका, तनाव के बावजूद नहीं है फौज की मौजूदगी

डिमिलिट्राइज्ड जोन यानी DMZ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की चर्चा उत्तर कोरिया पहुंचने वाले पहले अमरीकी राष्ट्रपति हैं डोनाल्ड ट्रंप

3 min read
Google source verification
डिमिलिट्राइज्ड जोन ( DMZ )

DMZ: उत्तर और दक्षिण कोरिया सीमा का अनोखा इलाका, तनाव के बावजूद नहीं है फौज की मौजूदगी

सियोल। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपG20 शिखर सम्मेलन के बाद पहले दक्षिण कोरिया और फिर उत्तर कोरिया के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून-जे-इन और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन से मुलाकात की।

सबसे बड़ी बात, राष्ट्रपति ट्रंप डिमिलिट्राइज्ड जोन ( DMZ ) पहुंचे जो कि दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया की सीमा है। ट्रंप ने रविवार को किम जोंग उन के साथ डिमिलिट्राइज्ड जोन में बातचीत की।

बता दें कि इससे पहले 2017 में अपनी पिछली यात्रा के दौरान ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ DMZ की यात्रा करने की योजना बनाई थी, लेकिन खराब मौसम की स्थिति के कारण नहीं जा सके थे।

किम-ट्रंप ने की मुलाकात, अमरीकी प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम के साथ कोरियाई सुरक्षागार्डों ने की बदसलूकी

आखिर DMZ इतना महत्वपूर्ण क्यों है और क्यों डोनाल्ड ट्रंप DMZ को लेकर उत्तर कोरिया व दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत कर रहे हैं। आइए जानते हैं 250 किमी लंबे DMZ से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें..

- DMZ वह सीमा रेखा है जहां 1950-53 में कोरियाई युद्ध था, जब चीन और उत्तर कोरिया ने अमरीका की अगुवाई वाली संयुक्त राष्ट्र की सेनाओं से लड़ाई लड़ी थी। इसी जगह पर युद्धविराम के साथ लड़ाई खत्म हुई ना की कोई संधि।

- DMZ एक 2 किमी चौड़ा बफर है, जो कि प्रायद्वीप में तटीय सीमा तक फैला है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच DMZ रेजर तार, भारी आयुद्ध और टैंक जाल के साथ दोनों तरफ से घिरा हुआ है।

- यह दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से 60 किलोमीटर और उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से 210 किमी दूर है।

G-20 समिट के बाद ट्रंप पहुंचे दक्षिण कोरिया, राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ की मुलाकात

- DMZ के अंदर एक संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र ( JSA ) है। यह पनमुनजोम का तथाकथित शांति गांव हैं, जहां 1953 में कोरियाई युद्ध को रोकने वाले युद्धविराम पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो कि 800 मीटर चौड़ा और 400 मीटर लंबे JSA क्षेत्र में स्थित है।

- DMZ में दोनों कोरियाई देशों के बीच एक सैन्य सीमांकन रेखा ( MDL ) को चिह्नित किया गया है। पनमुनजोम एक विशिष्ट चमकदार नीली इमारतों का एक समूह है। पनमुनजोम में MDL के दोनों ओर दोनों कोरियाई देश के अपने स्वयं के कार्यालय और सम्मेलन हॉल हैं।

- 1953 के समझौते के तहत, संयुक्त राष्ट्र कमान और उत्तर कोरियाई सेना को 35 से अधिक सैनिकों को JAS में भेजने की अनुमति नहीं थी और उनमें से प्रत्येक के पास केवल एक पिस्तौल या गैर-स्वचालित राइफल हो सकती है। लेकिन जैसे-जैसे रिश्ते बिगड़ते गए सैनिकों और हथियारों की संख्या बढ़ती गई।

- एक दशक से अधिक समय में पहला अंतर-कोरियाई शिखर सम्मेलन पिछले साल पनमुनजोम में आयोजित किया गया था।

- बीते साल सितंबर में दोनों कोरियाई नेताओं के बीच तीसरे शिखर सम्मेलन के बाद, दोनों पक्षों ने JSA से युद्ध सामाग्रियों को वापस ले लिया और सैनिकों की संख्या में कटौती करते हुए वापस 35 कर दी।

जी-20 सम्मलेन: भारत के लिए अहम रहा पहला दिन, ये हैं 10 बड़ी बातें

- DMZ का विशाल भूखंड 60 वर्षों से अधिक समय तक किसी व्यक्ति की भूमि नहीं रही हैं। इसके अन्य हिस्सों में सैन्य प्रतिष्ठानों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

- संयुक्त राष्ट्र कमान के अनुसार, 2017 में दक्षिण से 105,000 से अधिक पर्यटकों ने JSA का दौरा किया, जबकि लगभग 30,000 ने उत्तर से दौरा किया।

- DMZ में 1976 में कोरियाई सैनिकों ने दो अमरीकी सैनिकों जो कि की गला रेतकर हत्या कर दी थी। जो कि चिनार के पेड़ को काट रहे थे।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर. विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर.