सामरिक क्षमता बढ़ाने पर जापान का जोर, अमरीका से खरीदेगा 105 स्टील्थ लड़ाकू विमान

सामरिक क्षमता बढ़ाने पर जापान का जोर, अमरीका से खरीदेगा 105 स्टील्थ लड़ाकू विमान

Anil Kumar | Publish: May, 28 2019 02:39:22 AM (IST) | Updated: May, 28 2019 01:13:00 PM (IST) एशिया

  • चार दिनों के दौरे पर जापान पहुंचे हैं अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
  • अमरीका और जापान के बीच रक्षा समेत कई अहम समझौतों पर हुई बातचीत।
  • ट्रंप जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे को अपना गोल्फ दोस्त मानते हैं।

टोक्यो। चार दिवसीय दौरे पर टोक्यो ( Tokyo ) पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे के साथ कई महत्पूर्ण समझौतों पर सोमवार को हस्ताक्षर किए। इसी कड़ी में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि जापान सामरिक तौर अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए अमरीका से 105 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदेगा। ट्रंप ने कहा कि इन विमानों के खरीदने के बाद जापान के पास लंबी F-35 लड़ाकू विमानों की फ्लीट हो जाएगी। उन्होंने आगे यह भी बताया कि जापान ने हाल ही में F-35 स्टील्थ एयरक्राफ्ट को खरीदने की अपनी इच्छा जताई है। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी जिक्र किया है कि जापान ने F-35 बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मॉर्टिन के साथ दिसंबर में करार किया है। जापान ( japan ) सरकार ने अपने रक्षा बजट में 105 F-35 लड़ाकू विमान खरीदने की बात कही है। बता दें कि स्टील्थ एक ऐसी तकनीक है जिसको देख पाना बहुत ही मुश्किल होता है।

डोनाल्ड ट्रंप और शिंजा एबे ने गोल्फ खेलते हुए व्यापारिक मुद्दों पर की अनौपचारिक चर्चा

किम-एबे की वार्ता को ट्रंप का समर्थन

जापान दौरे पर पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने शिंजे एबे ( Shinzo Abe ) और उत्तर कोरिया ( North Korea ) के शीर्ष नेता किम जोंग उन ( Kim Jong-un ) के बीच वार्ता का समर्थन किया है। आगामी कुछ दिनों में किम जोंग उन जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे से मिलने वाले हैं। उससे पहले ट्रंप ने अपना समर्थन जता दिया है। ट्रंप ने एबे ने सोमवार को अकासा पैलेस जो कि एक राज्यकीय अतिथि गृह है, बैठक के दौरान व्यापार से लेकर विदेशी संबंधों को बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की। बैठक में एबे ने कहा कि जापान और अमरीका ( America ) दोनों देश उत्तर कोरिया को अपरमाणुकृत देखना चाहते हैं, लेकिन इस महीने की शुरूआत में कम दूरी के मिसाइल परीक्षणों से वे असहमत दिखाई दिए। बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह दशकों पहले उत्तर कोरियाई एजेंटों की ओर से अपहृत जापानी नागरिकों को वापस लाने के लिए टोक्यो के साथ मिलकर काम करेगा। उत्तर कोरिया ने 1970 और 1980 के दशक में 13 जापानी नागरिकों का अपहरण कर लिया था, हालांकि 2002 में पांच को लौटा दिया था। उसके बाद अब बताया जाता है कि बाकी सभी नागरिकों को मार दिया गया है। लेकिन जापान यह मानने से इनकार करता है। मालूम हो कि जापानी नागरिकों को जापानी भाषा और रीति-रिवाजों में उत्तर कोरियाई जासूसों को प्रशिक्षित करने के लिए अपहरण किया गया था। दशकों पुराना मुद्दा प्योंगयांग और टोक्यो के संबंधों में एक दर्दनाक अध्याय है।

 

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