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यूपी में सपा को फिर लगा तगड़ा झटका, भाजपा ने खेला 'यादव कार्ड', अखिलेश के गढ़ में सेंध लगाएंगे 'सीएम'

locationआजमगढ़Published: Feb 13, 2024 01:16:19 pm

Submitted by:

Vishnu Bajpai

Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भाजपा ने तगड़ा झटका दिया है। यहां भाजपा ने 'यादव कार्ड' खेलकर सपा के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। आइए समझते हैं पूरी रणनीति...

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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच यूपी में भाजपा ने 'यादव कार्ड' खेलकर समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका दे दिया है। माना जा रहा है कि यूपी में भाजपा का ये 'यादव कार्ड' समाजवादी पार्टी का किला ढहाने में बहुत कारगर साबित होगा। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ओपनर के तौर पर मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव को यूपी की पिच पर उतार दिया है। इसके साथ ही मंगलवार यानी 13 फरवरी से ही डॉ. मोहन यादव ने यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर में आने वाली आजमगढ़, लालगंज, घोसी, बलिया और सलेमपुर समेत पांच लोकसभा सीटों पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक भी शुरू करेंगे। दरअसल, यूपी के जिन 12 जिलों में यादवों की आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा है। उनमें आजमगढ़ भी शामिल है। इस लिहाज से एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव को आजमगढ़ भेजना भाजपा का बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है।

एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव का यूपी से गहरा नाता


राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि दो महीने पहले भाजपा ने जो मध्य प्रदेश से यूपी-बिहार साधने के लिए यादव कार्ड खेला था। अब लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी उसी यादव कार्ड पर आगे बढ़ गई है। एमपी के सीएम का यूपी से गहरा नाता है। दरअसल, यूपी के अंबेडकरनगर की भीटी तहसील के कोर्रा किछूटी में मोहन यादव की ससुराल है। इस लिहाज से यादव पट्टी में मोहन यादव को लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी देना बहुत अहम माना जा रहा है।
एक दिन के यूपी दौरे पर जा रहे एमपी के सीएम मोहन यादव खासतौर पर आजमगढ़ क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले पांच लोकसभा सीटों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होंगे। आजमगढ़ के अलावा लालगंज घोसी बलिया सलेमपुर की इन बैठकों में यादव जिलाध्यक्ष से लेकर जिला प्रभारी, लोकसभा संयोजक, लोकसभा प्रभारी, लोकसभा प्रबंध समिति के पदाधिकारी सांसद, विधायकों, विधानसभा के प्रत्याशियों समेत पंचायत और नगर पालिका नपगर पंचायत अध्यक्षों की बैठक लेंगे।
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उत्तर प्रदेश में भाजपा का मास्टर स्ट्रोक


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब दो महीने पहले डॉ. मोहन यादव ने एमपी में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तभी कहा जा रहा था कि यूपी और बिहार की पिछड़ा वर्ग की राजनीति के तहत ये बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक है। भाजपा ने इस बार लोकसभा में 400 सीटों का टारगेट रखा है। इसकी तैयारी के लिए लोकसभा सीटों को क्लस्टर के रुप में बांटा गया है। इसी के तहत डॉ. मोहन यादव यूपी की पांच लोकसभा सीटों के क्लस्टर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक पवन देवलिया का कहना है कि भाजपा अब दूरगामी चाल चल रही है। दिसंबर में जिस फैसले ने एमपी को चौंकाया था। वो लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ही एमपी से खेला गया दांव था।

यूपी में यादव आठ तो 20 प्रतिशत के करीब हैं ओबीसी


उत्तर प्रदेश में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव को आजमगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। आजमगढ़ ‌उन 12 जिलों में गिना जाता है। जहां लगभग 20 प्रतिशत यादव हैं। आजमगढ़ के अलावा बलिया, गोरखपुर, मैनपुरी, एटा-इटावा भी यादव बाहुल्य जिले हैं। हालांकि पूरे उत्तर प्रदेश में यादवों की आबादी लगभग आठ प्रतिशत है। जबकि पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या यहां 20 प्रतिशत के करीब है। इस लिहाज से भाजपा का आजमगढ़ में खेला गया यादव कार्ड लोकसभा चुनाव के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

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