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साहब आये, बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं और चल दिये

महाप्रबंधक को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर नहीं दिखी कोई खामी

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साहब आये, बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं और चल दिये

साहब आये, बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं और चल दिये

आजमगढ़. महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे राजीव अग्रवाल ने गुरूवार को पल्हनी स्थित रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें स्टेशन पर न तो कोई खामी नजर आयी और ना ही उन्होंने आम आदमी की समस्या पर ध्यान दिया। ज्यादातर सवालों के जवाब में वे यही कहते रहे कि यह मेरे हाथ में नहीं हैं। मजेदार बात है कि स्टेशन मास्टर कहते हैं कि यहां से इंटरसिटी ट्रेन चलाने की घोषणा हो चुकी है लेकिन ट्रैक के आभाव में नहीं चल रही है लेकिन महाप्रबंधक ने दावा कर दिया कि यहां पर्याप्त ट्रैक है और इंटरसिटी चलाना उनका नहीं मंत्रालय का कार्य है।


बता दें कि आजमगढ़ रेलवे स्टेशन कि लगातार उपेक्षा हो रही है। यहां आठ साल से प्लेटफार्म दो का निर्माण हो रहा है लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा कैंटीन आदि का कार्य भी अधूरा है। पिछले दिनों आजमगढ़ से इंटरसिटी ट्रेन चलाने का फैसला हुआ लेकिन ट्रैक कम होने का बहाना कर इसके संचालन को भी अधर में लटका दिया गया। इससे लोगों में खासी नाराजगी है।


गुरूवार की अपराह्न जब महाप्रबधंक राजीव अग्रवाल जब आजमगढ़ स्टेशन पहुंचे और निरीक्षण शुरू किया तो आजमगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने यह मुद्दा उठाया। जिसपर जीएम ने कहा कि प्लेटफार्म का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। वाशिग पिट में गाडियों को न धोने, बिना धुलाई के ही कैफियात को भेजने के आरोप को उन्होंने पूरी तरह नकार दिया। कहा कि वाशिंग पिट काम कर रही है।

ट्रेन संचालन और सुविधाओं के विस्तार पर उन्होंने कहा कि देश में 11 हजार रेलवे स्टेशन हैं। उनकी कैटेगरी के हिसाब से सुविधाये दी जाती हैं। ट्रेन संचालन, दोहरीकरण आदि मंत्रालय का कार्य हैं। इंटरसिटी के लिए ट्रैक की कमी को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। इस दौरान लोगों ने मामल गोदाम को रानी की सराय स्थानान्तरित करने और उसी ट्रैक से इंटरसिटी संचालन की मांग की गई।

By- रणविजय सिंह