निरंतर कम होते जलस्तर को लेकर सरकार भी चिंतित, केन्द्रीय उपसचिव ने लोगों को किया जागरूक

निरंतर कम होते जलस्तर को लेकर सरकार भी चिंतित, केन्द्रीय उपसचिव ने लोगों को किया जागरूक

Ashutosh Pathak | Updated: 15 Jul 2019, 11:43:05 AM (IST) Bagpat, Bagpat, Uttar Pradesh, India

  • महिला एवं बाल कल्याण विभाग के केन्द्रीय उप सचिव ने पानी को लेकर किया गांवों का भ्रमण
  • लोगों को सबमर्सिबल का प्रयोग कम करने की दी सलाह
  • सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए जाने का दिया निर्देश

बागपत। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के केन्द्रीय उपसचिव और आईएएस अधिकारी मणिकंदन ने रविवार को डौला गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि हम सभी को पानी के प्रति जागरूक होना होगा और गांवों में पानी की बर्बादी रोकने के लिए सबमर्सिबल का प्रयोग कम करना होगा। आज के समय में सबमर्सिबल ही पानी बर्बादी की जड़ है। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को पौधे लगाने का आह्वान किया। वहीं ग्रामीणों की मांग पर कहा कि वह एक सप्ताह में नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रयास करेंगे।

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भूगर्भ जल निरंतर नीचे पहुंच रहा है। जिसको लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है। इसमें अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जल संचय अभियान के चलते शनिवार को महिला एवं बाल कल्याण विभाग के केन्द्रीय उप सचिव प्रशिक्षु आईएएस मणिकंदन पहुंचे थे। जहां उन्होंने खेकड़ा में किसानों को जागरूक किया। रविवार को पिलाना ब्लॉक पहुंचे और कहा कि सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए जाए, जिससे बारिश का पानी संचित हो सकें। सभी सरकारी स्कूल और कॉलेजों में भी इसे बनवाया जाए, क्योंकि निरंतर जल स्तर घट रहा है, जो चिंता का विषय है। इसके लिए सभी को एक साथ मिलकर कार्य करना है।

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इस दौरान बैठक में शामिल बीडीओ कृपाल सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह एक्टिव है। उसे बाद प्रशिक्षु आईएएस मणिकंदन डौला गांव पहुंचे। यहां पर उन्होंने ग्रामीण पर्यावरण विकास संस्थान के पदाधिकारी, गांव के लोग और किसानों के साथ बैठक की। बताया कि जिले के सभी ब्लॉक डार्क जोन में है। पानी का स्तर नीचे पहुंच रहा है। किसान ऐसी फसल चक्र को अपनाए, जिससे पानी की कम से कम खपत हो सके। तालाब और अन्य माध्यमों से पानी का संचयन करें। ग्रामीणों को जागरूक किया जल की बबार्दी पर अंकुश लगाने में अपना योगदान दें।

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