script दो बच्चियों से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनाई मुत्यु दंड की सजा | Court awarded death penalty in the case of rape and murder of two girl | Patrika News

दो बच्चियों से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनाई मुत्यु दंड की सजा

locationबालाघाटPublished: Feb 01, 2024 09:01:17 pm

Submitted by:

mukesh yadav

मामला थाना तिरोड़ी थाना क्षेत्र का
पीडि़त परिवार ने न्याय के प्रति प्रकट की आस्था

दो बच्चियों से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनाई मुत्यु दंड की सजा
दो बच्चियों से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनाई मुत्यु दंड की सजा

वारासिवनी. लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश कविता इनवाती की अदालत ने दो मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या के जघन्य सनसनीखेज मामले में आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
जानकारी अनुसार आरोपी गिरधारी पिता धनपाल सोनवाने (42) ग्राम चिटकादेवरी थाना तिरोड़ी का निवासी है। जिसने इस वारदात को 4 अप्रैल 2022 को अंजाम दिया था। संभवत: यह जिले का पहला मामला है, जब दो बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या मामले में किसी आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। इस आरोपी ने दोनों मासूम बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों की हत्या करने के बाद दोनों की लाश ग्राम समीप राजीव सागर बांध की मुख्य नहर में फेंक दी थी। इस प्रकरण में पीडि़ता की ओर से पैरवी शशिकांत पाटील शासकीय अधिवक्ता वारासिवनी ने की।
अभियोजना पक्ष के अनुसार आरोपी गिरधारी सोनवाने का पीडि़त परिवारों के साथ जमींनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर आरोपी पीडि़त पक्ष पर जादू टोने का शक कर रंजिश रख रहा था। इसी रंजिश के कारण आरोपी ने 04 अप्रैल 2022 को वारदात को अंजाम देकर दोनों बच्चिों की हत्या कर लाश को राजीव सागर बांध की नहरों में फेंक दिया था। बच्चिों के नहीं मिलने पर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद दोनों बच्चियों के शव को नहरों से बरामद किया था। सजा सुनाने की जानकारी पीडि़त परिवार को भी दी गई थी। फैसला आने के बाद पीडि़त परिवार ने न्याय पर आस्था प्रगट करते हुए फैसले का स्वागत किया।
इनका कहना है।
जिले का यह अति महत्वपूर्ण मामला था, जिसमें दो बच्चों की हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने बेहतर विवेचना की। यह जिले एवं पुलिस के लिए ऐतिहासिक फैसला है और एक अच्छा संदेश है की अबोध बच्चियों के साथ यदि कोई ऐसा अपराध करता है तो उसके लिए सजा निर्धारित है।
शशिकांत पाटिल, शासकीय अधिवक्ता

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