scriptTransporters were stealing paddy, 14 bags of paddy seized | परिवहनकर्ता कर रहे थे धान की चोरी, 14 बोरी धान जब्त | Patrika News

परिवहनकर्ता कर रहे थे धान की चोरी, 14 बोरी धान जब्त

locationबालाघाटPublished: Dec 28, 2023 09:21:21 pm

Submitted by:

Bhaneshwar sakure

मिरिया, किन्ही और गर्रा उपार्जन केन्द्र की पाई गई धान
मेंहदीवाड़ा से खापा पहुंच मार्ग पर रोड किनारे फेंकी गई थी धान की बोरियां
प्रशासनिक अमले ने की कार्रवाई
धान उपार्जन में अनियमितता की मिली थी शिकायत
रात्रि में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच

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बालाघाट. समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य में परिवहनकर्ता धान की चोरी कर रहे थे। प्रशासनिक अमले ने परिवहन के दौरान चोरी की गई 14 बोरी धान को जब्त किया है। जांच के दौरान चोरी गई धान मिरिया, किन्ही और गर्रा उपार्जन केन्द्र की पाई गई है। धान उपार्जन कार्य में अनियमितता मिलने पर प्रशासनिक अमले ने वारासिवनी के मेंहदीवाड़ा से खापा क्षेत्र में कार्रवाई की है।
खाद्य निरीक्षक सुनील किरार ने बताया कि बुधवार देर शाम को धान परिवहन में चोरी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसडीएम वारासिवनी कामिनी ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य और मंडी अमले ने मेंहदीवाड़ा से खापा पहुंच मार्ग पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि विपणन संघ बालाघाट से अनुबंधित परिवहनकर्ता कामाख्या इंटरप्राइजेज वारासिवनी सेक्टर और मेसर्स राजेश अग्रवाल सेक्टर किरनापुर, लांजी के शासकीय धान परिवहन का कार्य करते हैं। परिवहनकर्ताओं की शासकीय धान के परिवहन में अनियमितता पाई गई। मौके पर प्रकरण तैयार किया गया। इस जांच के बाद 14 बोरी धान को उपार्जन केंद्र प्रभारी खापा की अभिरक्षा में दिया गया। एसडीएम ठाकुर के गठित संयुक्त जांच दल में नायब तहसीलदार वारासिवनी मंजुलता महोबिया, थाना प्रभारी वारासिवनी शंकरलाल चौहान, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वारासिवनी सुनील किरार, मंडी उपनिरीक्षक मनोज पटले ने मेहंदीवाडा से खापा मार्ग में जांच की थी।
सडक़ के किनारे फेंके थे धान की बोरियां
जांच के दौरान सूचना के आधार पर दल ने मौके पर सडक़ के किनारे झाडिय़ों और खेतों में फेंकी गई 14 धान से भरी बोरियों को जब्त किया। इन बोरियों में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 के स्टेंसिल लगे हुए थे। बारदानों में नीले रंग के धागे से सिलाई और उपार्जन केन्द्रों की पर्चियां लगी पाई गई। जिसमें 2 बोरियां उपार्जन केंद्र बोरगांव किन्ही (किरनापुर), 6 बोरिया उपार्जन केंद्र गर्रा (वारासिवनी) और 6 बोरियां उपार्जन केंद्र मिरिया (लांजी) की पाई गई। अधिकारियों ने मौके से ही उपार्जन केन्द्रों से संपर्क किया। इस दौरान पाया गया कि उपार्जन केन्द्र बोरगांव (किन्ही), मिरिया, गर्रा की धान परिवहन की मैपिंग खापा कैप से की गई थी। उपार्जन केन्द्रों से धान लोड कर ट्रक खापा कैप गए थे।
लक्ष्मी राइस उद्योग में मिले 175 खाली बारदाने
इसी तरह का मामला मेंहदीवाड़ा स्थित लक्ष्मी राइस उद्योग की जांच पर सामने आया है। जिसमें राइस मिल के परिसर में खाली धान के लगभग 175 बारदाने रखे पाए गए। मौके पर बारदानों की जांच करने पर खाली बारदानों में खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 के स्टेंसिल लगे, नीले रंग के धागे की सिलाई के अवशेष और उपार्जन केन्द्र बहेगांव (लालबर्रा की पर्चियां लगी पाई गई। जांच में पाया गया कि लक्ष्मी राइस उद्योग ने कस्टम राइस मिलिंग के लिए खरीफ उपार्जन वर्ष 2023-24 में उपार्जन केंद्र पिंडकेपार, झालीवाड़ा की धान का उठाव कर मिलिंग करने के लिए विपणन संघ बालाघाट से अनुबंध किया गया था। जिसके अनुसार मिलिंग कर चावल जमा कर दिया गया है। मौके पर लक्ष्मी राइस उद्योग संचालक से उपार्जन केन्द्र बहेगांव की पर्चियां, खाली बारदानों के संबंध में पूछताछ करने पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दि या। मौके पर बारदानों को अभिरक्षा में लेकर प्रकरण तैयार किया गया है।
इन उपार्जन केन्द्रों में मिली खामियां
अधिकारियों ने उपार्जन केंद्र बिनोरा, किरनापुर, बडगांव और वारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि किसान स्वयं बारदानों में धान भर रहे है। बारदानों में लगी पर्चियों में किसान कोड अंकित नहीं पाया गया। इस अनियमितता के कारण मौके पर ही पंचनामा बनाया गया। केंद्र प्रभारियों के खिलाफ प्रकरण तैयार किए गए। सर्वेयर को निर्देशित किया गया कि वे किसानों से एफएक्यू धान की खरीदी करें। गुणवत्ता युक्त धान के संबंध में किसानों को अवगत कराए। उपार्जन केंद्र प्रभारी ओर वेअर हाउस को निर्देशित किया गया कि किसानों से खरीदी के बाद हैंडलिंग चालान, स्वीकृति पत्रक समय सीमा में बनाए जाए। जिससे किसानों को भुगतान किया जा सकें।

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