5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तेज हवा और बारिश से बालोद ब्लॉक में 150 पेड़ गिरे, 63 पोल टूटे, 40 गांव में ब्लैक आउट

बालोद जिले में मंगलवार शाम को अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवा, गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। तेज हवा से बालोद विकासखंड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। दुर्ग-बालोद-झलमला से लाटाबोड़ मुख्य मार्ग में लगभग 30 पेड़ गिरे, जिससे मार्ग रात 8 से देर रात 2 बजे तक बंद रहा। लगभग 40 से अधिक गांवों में ब्लैक आउट रहा।

2 min read
Google source verification
बालोद जिले में मंगलवार शाम को अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवा, गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। तेज हवा से बालोद विकासखंड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। दुर्ग-बालोद-झलमला से लाटाबोड़ मुख्य मार्ग में लगभग 30 पेड़ गिरे, जिससे मार्ग रात 8 से देर रात 2 बजे तक बंद रहा। लगभग 40 से अधिक गांवों में ब्लैक आउट रहा।

Thunderstorm बालोद जिले में मंगलवार शाम को अचानक मौसम में बदलाव आया। तेज हवा, गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। तेज हवा से बालोद विकासखंड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। दुर्ग-बालोद-झलमला से लाटाबोड़ मुख्य मार्ग में लगभग 30 पेड़ गिरे, जिससे मार्ग रात 8 से देर रात 2 बजे तक बंद रहा। लगभग 40 से अधिक गांवों में ब्लैक आउट रहा। ग्रामीणों के मुताबिक इससे पहले गर्मी सीजन में कभी इतनी तेज बारिश व तेज हवा नहीं चली। कई घरों के टिन शेड उड़ गए। पूरे बालोद विकासखंड की बात करें तो लगभग 150 से अधिक पेड़ टूटकर गिरे। 63 से अधिक बिजली पोल टूटे।

बिजली तार के टूटने से करंट की चपेट में आए दो मवेशियों की मौत

सबसे ज्यादा प्रभावित झलमला, उमरादाह, अंगारी, बेलमांड, टेकापार, लाटाबोड़ व बोड़की रहे। बालोद तहसील में 21 व मार्रीबंगला देवरी तहसील में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य तहसीलों में बूंदाबांदी हुई। जिले में औसत 6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं बिजली विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग एवं सामाजसेवी व ग्रामीणों ने मिलकर सड़क पर गिरे पेड़ को हटाया। तब जाकर आवाजाही शुरू हुई। बिजली तार के टूटने से करंट की चपेट में आए दो मवेशियों की मौत हो गई।

यह भी पढ़ें :

बारिश और ओलावृष्टि से 7 गांव के 635 किसानों की 370.5 हेक्टेयर फसल को हुआ नुकसान

40 फीट ऊंचा निर्माणाधीन राइस मिल भवन ध्वस्त

पड़कीभाट-पोंडी मार्ग में निर्माणाधीन 40 फीट ऊंचा राइस मिल भवन तेज हवा व बारिश के कारण ध्वस्त हो गया। इस राइस मिल का निर्माण चार माह से चल रहा था। अब सिर्फ शेड डालने का काम बचा था।

आकाशीय बिजली भी गिरी

बालोद तहसील में कुछ पेड़ आकाशीय बिजली गिरने से टूटे। सैकड़ों पेड़ तेज हवा व बवंडर के कारण टूटे। बिजली पोल व तार टूटने से लगभग 40 गांव में तो ब्लैक आउट की स्थिति रही। हालांकि बुधवार की देर शाम तक अधिकांश गांवों में बिजली बहाल कर दी गई।

एक किमी तक वाहनों की लगी कतार

इस प्राकृतिक आपदा के कारण लोग परेशान रहे। दुर्ग-बालोद मार्ग में लगभग एक किमी तक वाहनों की कतार लगी रही। यहां जगह-जगह पेड़ सड़क पर गिरे थे। बिजली विभाग की टीम, पुलिस विभाग, समाजसेवी राजू पटेल, शंभू पटेल ने अपने क्रेन व ग्रामीणों के माध्यम से सड़क से पेड़ को हटाया।

अंगारी में 12, झलमला उमरादाह तक 12 पोल टूटे

तेज हवा से अंगारी में 12, झलमला उमरादाह तक 12 बोड़की लाटाबोड़ मार्ग में 4-4 पोल टूटे। इसके अलावा अन्य गांव में भी बिजली तार टूटे। लगभग 63 से अधिक पोल टूटे हैं। वहीं 22 मोटर पम्प कनेक्शन का पोल टूटा है। अंगारी गांव में देर शाम तक बिजली नहीं आई। खपरी में 200 साल पुराना पीपल का पेड़ एक घर पर गिर गया। वहीं अंगारी में पीपल का पेड़ कार के ऊपर गिर गया। जिसके कारण कार को नुकसान पहुंचा है। इस गांव में कई घरों के टिन शेड भी उड़ गए हैं।

किस तहसील में कितनी हुई बारिश

तहसील - बारिश मिमी में
बालोद - 21 मिमी
गुरुर - 00
गुंडरदेही - 0.8
डौंडी - 0.8
डौंडीलोहारा - 0.2
अर्जुंदा - 4.3
मार्रीबंगला देवरी - 16.9 मिमी

यह भी पढ़ें :

मनरेगा मजदूरों की कटी मजदूरी, जिपं सीईओ ने कहा जितना काम उतना दिया जा रहा दाम