हमें सम्मान से जीने का अधिकार नहीं.... ऐसा किसने कहा

हमें सम्मान से जीने का अधिकार नहीं.... ऐसा किसने कहा

Chandra Kishor Deshmukh | Publish: Jul, 14 2018 09:10:10 AM (IST) Balod, Chhattisgarh, India

थर्ड जेंडरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें आत्म सम्मान से जीने की पहल जिले में शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग ने शुक्रवार को पहली बार थर्ड जेंडरों की बैठक आयोजित की। जहां इनके लिए शासन से जारी योजना की जानकारी दी गई।

बालोद. थर्ड जेंडरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर उन्हें आत्म सम्मान से जीने की पहल जिले में शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग ने शुक्रवार को पहली बार थर्ड जेंडरों की बैठक आयोजित की। जहां इनके लिए शासन से जारी योजना की जानकारी दी गई। इस दौरान पहली बार थर्ड जेंडरों ने भी अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी बात रखी। कहा हमें भी आत्मसम्मान के साथ जीना है। सवाल किया कि लोग हमें क्यों ताना मारते हैं? क्या हमें जीने का हक नहीं।

पहचान होने पर हमें डर है कहीं समाज से न निकाल दे
रायपुर थर्ड जेंडर विकास बोर्ड के सदस्य कंचन सेन्द्रे ने बताया आज भी हम लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां भी कई लोग हैं पर वे खुलकर आगे नहीं आ रहे हैं। वो भी सिर्फ समाज के डर के कारण कि कही हमारी पहचान हो जाए तो हमें समाज से न निकाल दे। इन्हीं कुरीतियों को दूर करने लोगों की सोच को बदलने यह प्रयास किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि हम समुदाय के लोग भी अपने हक की लड़ाई लड़ें।

सात लोगों को जारी किया गया पहचान पत्र
बैठक में अपर कलक्टर एके घृतलहरे ने इनके उत्थान व इनको समाज की मुख्यधाराओं से जोडऩे पहल करने की बात कही। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा 7 थर्ड जेंडरों को पहचान पत्र भी जारी किया। वहीं श्रम विभाग से भी इन लोगों के लिए श्रम कार्ड बनाने पर भी सहमति दी गई है। जानकारी के मुताबिक जिले में बड़ी संख्या में थर्ड जेंडर को चिन्हांकन किया गया है, पर अभी और सर्वे होना है।

इन विषयों पर हुई चर्चा
थर्ड जेंडरों को पहचान पत्र दिया जाएगा। राशन कार्ड, श्रम कार्ड बनाया जाएगा।
कौशल विकास योजना अंतर्गत इस समुदाय को स्वरोजगार दिलाने पर विचार।
विभिन्न शासकीय विभागों की योजनाओं का लाभ व जानकरी देने पर चर्चा।

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